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मध्यप्रदेश: सीएम शिवराज ने मंत्रियों को सौंपे जिलों के प्रभार, तोमर-सिंधिया का रखा गया पूरा ख्याल

Wed, 30 Jun 2021 10:23 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट को ग्वालियर और हरदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इंदौर की कमान थमाई गई है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव को जबलपुर और निवाड़ी का प्रभारी बनाया गया है।
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शिवराज सिंह चौहान - फोटो : twitter.com/ChouhanShivraj
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में नई तबादला नीति के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंप दिए। इस सूची में नरेंद्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया का खास ख्याल रखा गया है। सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट को ग्वालियर और हरदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इंदौर की कमान थमाई गई है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव को जबलपुर और निवाड़ी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा सीएम शिवराज के करीबी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह को भोपाल की कमान दी गई है।

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इन मंत्रियों को सिर्फ एक जिले का प्रभार

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कुल 52 जिले हैं, लेकिन शिवराज सरकार में कैबिनेट और राज्य मंत्रियों की संख्या कुल 30 है। ऐसे में 22 मंत्रियों को दो-दो जिलों का प्रभार सौंपा गया। वहीं, नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह समेत आठ मंत्रियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी गई है। 

मुख्यमंत्री ने एकांतवास में तय किए जिले

बताया जा रहा है कि आज (30 जून) दोपहर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अज्ञात स्थान पर चले गए थे। हालांकि, उनके साथ प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी भी थे। दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों को जिले का प्रभार देने की कवायद एकांत में करना चाहते थे। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने तीन दिन पहले ट्रांसफर पॉलिसी जारी की थी, जिसके तहत जिलों में तबादले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा से किए जाएंगे। 

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ऐसी है नई तबादला नीति

बता दें कि मध्यप्रदेश की नई तबादला नीति एक जुलाई से लागू होगी। इसमें पहले अनुसूचित क्षेत्रों के रिक्त पदों को भरा जाएगा। वहीं, कोरोना से गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। तहसील, जिला व राज्य स्तर पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले प्रभारी मंत्री व कलेक्टर आपसी समन्वय से करेंगे।  मप्र के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नई ट्रांसफर पॉलिसी में 31 जुलाई तक तबादले हो सकेंगे। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया था कि 1 से 31 मई बीच तबादले हो सकेंगे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण नीति को लंबित कर दिया गया था।
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