कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा
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मध्यप्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें अपनी एक साल, तीन महीने और दो दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरुआत से ही सरकार गिराने की कोशिश में लगी हुई थी। उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी निशाना साधा। कमलनाथ ने कहा कि एक महाराज के साथ मिलकर भाजपा ने राज्य सरकार को गिराने की साजिश रची।
भाजपा पर लगाया सरकार गिराने का आरोप
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मैंने हमेशा विकास में विश्वास किया है। हमारे विधायकों को कर्नाटक में बंधक बनाया गया। मुझे जनता ने पांच साल के लिए बहुमत दिया था। प्रदेश पूछ रहा है कि मेरा कसूर क्या है। 15 महीनों से भाजपा साजिश रच रही है। भाजपा सरकार को गिराने की कोशिश में लगी रही। चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। विधायकों को खरीदने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए। भाजपा ने किसानों के साथ धोखा किया। एक महाराज के साथ मिलकर भाजपा ने सरकार गिराने की साजिश रची।'
शिवराज-सिंधिया बोले, सत्यमेव जयते
वहीं, कमलनाथ के इस्तीफा देने के बाद भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा, 'सत्यमेव जयते!' जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ के इस्तीफे के बाद लिखा, 'मध्यप्रदेश में आज जनता की जीत हुई है। मेरा सदैव ये मानना रहा है कि राजनीति जनसेवा का माध्यम होना चाहिए, लेकिन प्रदेश सरकार इस रास्ते से भटक गई थी। सच्चाई की फिर विजय हुई है। सत्यमेव जयते।'
कमलनाथ से मिले शिवराज
वहीं, शुक्रवार शाम को शिवराज चौहान ने कमलनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की।