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हैदराबाद में सीएम: रामानुज सहस्त्राब्दी समारोह में कहा- रामानुजाचार्य ने वर्ग विभेद को खत्म कर समानता के सेतु बनाए

Thu, 10 Feb 2022 02:55 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को हैदराबाद में रामानुज सहस्त्राब्दी समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान सीएम ने कहा कि रामानुजाचार्य ने वर्ग विभेद को समाप्त कर समानता के सेतु बनाए।
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हैदराबाद में रामानुज सहस्त्राब्दी समारोह में सीएम चौहान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को हैदराबाद में रामानुज सहस्त्राब्दी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने श्रीराम नगर, जीवा कैम्प्स में रामानुजाचार्य की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर सीएम चौहान ने कहा कि रामानुजाचार्य ने वर्ग विभेद को समाप्त कर समानता के सेतु बनाए। सीएम ने कहा कि ओंकारेश्वर स्टेच्यू ऑफ वननेस बनने वाला है। आप सभी संतों से आशीर्वाद मांगता हूं। 
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पत्नी साधना सिंह के साथ पूजा अर्चना करते सीएम शिवराज - फोटो : सोशल मीडिया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्नी साधना सिंह के साथ हैदराबाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। तेलंगाना के हैदराबाद में 216 फीट (66 मीटर) ऊंची प्रतिमा की स्थापना का कार्य 2014 में प्रारंभ हुआ था। करीब एक हजार वर्ष पूर्व 11वीं सदी में हुए वैष्णव संत भगवत रामानुज की यह मूर्ति चिन्ना जियर ट्रस्ट में स्थित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह प्रतिमा का अनावरण किया है। पंचधातु से निर्मित इस विशिष्ट प्रतिमा को स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने तेलंगाना प्रवास में साधु संतों को मध्य प्रदेश में बनने वाली स्टैच्यू ऑफ वननेस परियोजना की जानकारी भी दी। समारोह को मोहन भागवत ने भी संबोधित किया।  

रामानुजाचार्य की प्रतिमा के पास सीएम शिवराज - फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री चौहान ने इस अवसर पर वैदिक दार्शनिक, समाज सुधारक रामानुजाचार्य जी का स्मरण करते हुए कहा कि तमिलनाडु के श्री पेरामबुदुर में जन्मे रामानुजाचार्य ने भक्ति आंदोलन को पुनर्जीवित किया। उनकी शिक्षाओं से अन्य भक्ति विचार धाराएं भी पनपीं। अन्नाआचार्य, भक्त रामदास, कबीर, मीराबाई जैसे संतों, कवियों को भी प्रेरणा मिली। एक हजार वर्ष बाद भी उनके संदेश प्रासंगिक हैं। उनका सम्पूर्ण दर्शन अपने आप में एक विराट संसार है जो समता, समानता और बंधुत्व की मजबूत नींव पर स्थापित है। उन्होंने समाज में वर्ग विभेद को समाप्त कर समानता के सेतु बनाने का प्रबल आग्रह किया। वे सिर्फ धर्म प्रचारक या संत ही नहीं थे बल्कि स्वंय शेषावतार थे, जिन्होंने अपनी शिक्षाओं और कार्यों से भारतीय परम्परा के शाश्वत मूल्यों को उद्घाटित किया था। विभिन्न भारतीय संस्कृतियों को जोड़कर वैदिक अद्वैत सिद्धांत को यथावत रखा। उनकी भक्ति भावना का प्रसार दक्षिण ही नहीं उत्तर भारत में भी हुआ। इस तरह वे भारतीय संत परम्परा के मुकुटमणि बने।

हैदराबाद में रामानुज सहस्त्राब्दी समारोह में शामिल साधु-संत - फोटो : सोशल मीडिया
ओंकारेश्वर का होगा अंतराष्ट्रीय महत्व
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में शंकराचार्य जी की 108 फीट ऊंची विशाल बहु धातु प्रतिमा, शंकर संग्रहालय और आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान के निर्माण को मध्य प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री चौहान की अध्यक्षता में पिछले माह देश के प्रमुख साधु संत भी आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के न्यासी मंडल की बैठक में भोपाल आये थे। तब ओंकारेश्वर में प्रारंभ प्रकल्प के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई थी। आचार्य शंकर के सम्पूर्ण जीवन दर्शन से परिचित कराने, उनके अद्वैत वेदांत की अभिव्यक्ति, नई पीढ़ी के चरित्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, विश्व कल्याण और वसुधैव कुटुम्बकम के भाव के साथ ओंकारेश्वर को राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर के स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में बजट प्रावधान के साथ ही विभिन्न कार्यों के लिए एजेंसियों का निर्धारण कर लिया गया है। 
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ट्वीट - फोटो : सोशल मीडिया
संतों के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिए विशाल प्रतिमा की स्थापना का कार्य जिन राज्यों में प्रमुखता से हुआ है, उनमें गुजरात भी शामिल है। गुजरात में नर्मदा जिले में भरुच के पास नर्मदा नदी के एक टापू साधु बेट में 2013 में भारत के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित स्मारक में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का शिलान्यास हुआ था। वडोदरा से लगभग 90 किलोमीटर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन 31 अक्टूबर 2018 को सरदार पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। सरदार पटेल की यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसकी लम्बाई 597 फीट (182 मीटर) है। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा इस प्रख्यात स्थल एवं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अवलोकन किया जा चुका है।
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