पांढुर्णा शहर में आपराधिक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आठ दिन के भीतर दूसरी लूट की वारदात ने न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम नागरिकों में भी भय का माहौल बना दिया है। रविवार देर रात गणेश वार्ड में दो बदमाशों ने एक घर में घुसकर सास-बहू को बंधक बनाया और सोने की चेन लूटकर फरार हो गए। विरोध करने पर बहू पर धारदार वस्तु से हमला भी किया गया।
आधी रात के बाद बोला धावा
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 1:30 बजे की है। दो अज्ञात बदमाशों ने घर के मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़ी और अंदर प्रवेश कर गए। उस समय घर में संध्या सुरस्कर और उनकी बहू विदुला सिरस्कर मौजूद थीं। परिवार का बेटा राहुल किसी कार्य से गांव से बाहर गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने अलमारी और कमरों की तलाशी ली। जब उन्हें मनमाफिक सामान नहीं मिला तो उन्होंने दोनों महिलाओं को डराकर एक स्थान पर बैठा दिया और बंधक बना लिया।
विरोध पड़ा भारी
बताया जा रहा है कि जब बदमाशों ने विदुला के गले से सोने की चेन छीनने की कोशिश की तो उसने साहस दिखाते हुए शोर मचाया। इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई और बदमाशों ने उस पर कई वार कर दिए। घटना से महिला घायल हो गई। हमले के बाद आरोपी ऊपरी मंजिल की ओर भागे और अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग जाग गए और तत्काल घर की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी मौके से निकल चुके थे। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी की गई और संदिग्धों की तलाश शुरू की गई। थाना प्रभारी अजय मरकाम ने बताया कि आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं वारदातें
गौरतलब है कि 21 फरवरी की देर रात संतोषी माता वार्ड और सांई धाम कॉलोनी में तीन अलग-अलग मकानों को निशाना बनाया गया था। एक मामले में सुनील यदुवंशी को बंधक बनाकर लूटपाट की गई थी, जबकि दूसरे घर में घुसने का प्रयास किया गया था। इन घटनाओं के आठ दिन बाद भी आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
रात्रि गश्त पर उठे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं से शहरवासियों में रोष है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पूर्व की घटनाओं का समय रहते खुलासा हो जाता तो संभवतः इस वारदात को रोका जा सकता था। लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच करने और वार्ड स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
भरोसा बहाल करना चुनौती
लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं ने आमजन के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि पुलिस इन घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों तक कब पहुंचती है। शहरवासियों की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि उनका भरोसा दोबारा कायम हो सके।