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Chhindwara Lok Sabha: मतदान कल, जनता की पसंद कौन? कमलनाथ के बेटे नकुल या भाजपा के बंटी, सीट का सियासी समीकरण?

Thu, 18 Apr 2024 12:41 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

Chhindwara Lok Sabha: 44 साल से छिंदवाड़ा की सत्ता कमलनाथ या उनके परिवार का कोई सदस्य संभाल रहा है। लेकिन, इस बार यहां कांटे की टक्कर है। ऐसे में पूर्व सीएम कमलनाथ के सामने सांसद बेटे नकुलनाथ को जिताने के साथ-साथ अपने सियासी साम्राज्य को बचाने की चुनौती है।
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छिंदवाड़ा में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में पहले चरण का मतदान कल शुक्रवार को होगा। सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू होगी और शाम छह बजे तक जारी रहेगी। 19 अप्रैल यानी कल प्रदेश के छह सीटों पर मतदान होगा, इसमें सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल है। इस सीट पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलनाथ के बेटे नकुलनाथ और भाजपा के विवेक बंटी साहू के बीच टक्कर है। नकुलनाथ अपने पिता कमलनाथ और विवेक पीएम मोदी को आगे रखकर चुनाव लड़ रहे हैं। जानिए, क्या कहता है इस सीट का सियासी समीकरण।  
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छिंदवाड़ा सीट कमलनाथ का गढ़  
पिछले 44 साल से कमलनाथ या उनके परिवार का कोई सदस्य यहां की सत्ता संभाल रहा है। लेकिन, इस बार यहां कांटे की टक्कर है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि सांसद के तौर पर यहां की जनता नकुलनाथ को ज्यादा पसंद नहीं कर रही है। ऐसे में पूर्व सीएम कमलनाथ के सामने सांसद बेटे नकुलनाथ को जिताने के साथ-साथ अपने 44 साल के सियासी साम्राज्य को बचाने की चुनौती है। चुनाव तरीख के एलान के बाद से ही कमलनाथ इसमें जोर-शोर से जुटें हुए हैं। अब कल मतदान हैं, ऐसे में जनता किसे सांसद बनाएगी, उसका परिणाम ईवीएम में कैद हो जाएगा, जो चार जून को सामने आएगा।     

कमलनाथ का इमोशनल कार्ड
नकुलनाथ को जिताने के लिए कमलाथ ने पूरी ताकत झोंक दी है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने बेटे के लिए रात-दिन छिंदवाड़ा में कैंप किए। इस दौरान उन्होंने उनके कार्यकाल में किए विकास कार्य गिनाएं और इमोशनल कार्ड खेला है। जनसभाओं में उन्होंने कहा- मैंने अपनी जवानी छिंदवाड़ा के लिए समर्पित की है। मेरी आखिरी सांस यहां के लिए है। नकुलनाथ भी लगातार भावनात्मक अपील कर रहे हैं। उनकी पत्नी खेतों में फसल काटती हुई भी नजर आ चुकी हैं।  
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भाजपा ने कमलनाथ को किया कमजोर
छिंदवाड़ा सीट जीतने के लिए भाजपा ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस सीट की सभी सात विधानसभा क्षेत्र को लेकर अलग-अलग रणनीति बनाई और उस पर काम किया। इसके अलावा कमलनाथ को कमजोर करने के लिए उनके करीबियों को भी भाजपा में शामिल किया गया। अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह, छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम आहाके और 2019 विधानसभा के उपचुनाव में कमलनाथ के लिए अपनी सीट छोड़ने वाले पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना को कमलनाथ से दूर कर भाजपा ज्वॉइन कराई गई। अब भाजपा को इसका कितना फायदा होगा ये तो आने वाला समय ही बताएगा।     

जातिगत समीकरण
छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव है। यहां पर लगभग 38 फीसदी से ज्यादा आबादी आदिवासियों की है। यहां की सात विधानसभा सीटों में से तीन अनुसूचित जनजाति और एक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यही कारण है कि चुनावी सभाओं ओर रैलियों में कांग्रेस और भाजपा ने आदिवासियों को खूब साधने की कोशिश की। वहीं, जिले के शहरी इलाकों में सामान्य वर्ग की आबादी प्रभावी है।

फटाफट ये भी जानिए
  • छिंदवाड़ा में सात विधानसभा सीटें 
  • 15 प्रत्याशी मैदान में, इनमें एक भी महिला नहीं
  • 16,32,190 मतदाता, इनमें 8,24,449 पुरुष, 8,07,726 महिलाएं और 15 थर्ड जेंडर।  

2019 का चुनाव परिणाम
 
उम्मीदवार              दल          मत                   मत प्रतिशत    
नकुलनाथ                कांग्रेस      5.9 लाख            47    
नाथशाह कवर्ती        भाजपा      5.5 लाख            44    

2014 का चुनाव परिणाम
उम्मीदवार              दल           मत                   मत प्रतिशत    
कमलनाथ              कांग्रेस       5.6 लाख             50.5    
चंद्रभान सिंह          भाजपा       4.4 लाख             40    
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