MP News : जहरीली कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है, जबकि इस प्रकरण में शामिल डॉक्टर की जमानत अर्जी कोर्ट ने निरस्त कर दी है।
मध्य प्रदेश में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इस बीच छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु के चेन्नई की श्री सन फार्मास्यूटिकल कंपनी के मालिक रंगनाथन पर 20 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर कई राज्यों में दबिश दी जा रही है।
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एसपी अजय पांडे ने बताया कि यह इनाम उसकी गिरफ्तारी में सहयोग देने वालों को दिया जाएगा। जांच में पता चला है कि कंपनी के उत्पादों में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण बच्चों की मौतें हुईं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया है।
गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे होंगे
इसी बीच, इस कांड से जुड़े डॉक्टर प्रवीण सोनी की जमानत याचिका को आज सेशन कोर्ट, छिंदवाड़ा ने खारिज कर दिया। डॉक्टर पर आरोप है कि उसने बिना परीक्षण और अनुमति के मरीजों को वही कफ सिरप दिया था, जिससे कई बच्चों की तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। एसपी ने बताया कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई शहरों में छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे होंगे।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि विभाग की संयुक्त टीम अब तक कई मेडिकल स्टोरों की जांच कर चुकी है। संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, मृत बच्चों के परिजनों ने सरकार से न्याय और मुआवजे की मांग की है। वहीं, विपक्ष ने इस पूरे मामले में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।