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Chhindwara News: 6 बच्चों की मौत का खुलासा, कफ सिरप से हुई किडनी फेल, दो ब्रांडों की बिक्री पर लगाई रोक

Tue, 30 Sep 2025 08:46 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

जिले में 6 मासूमों की मौत की वजह कफ सिरप निकला है। मेडिकल रिपोर्ट्स में डायएथिलीन ग्लायकॉल नामक केमिकल की गड़बड़ी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने Coldrif  की बिक्री पर रोक लगाते हुए मेडिकल एडवाइजरी जारी की है।
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अस्पताल में बच्चों की जांच कराने पहुंचे परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की रहस्यमयी मौतों का राज अब सामने आने लगा है। बीते दिनों किडनी फेल होने से 6 मासूमों की मौत हो चुकी थी। अब जांच में सामने आया है कि बच्चों की किडनी कफ सिरप पीने से फेल हुई। सिरप में डायएथिलीन ग्लायकॉल नामक केमिकल की गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।

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इसी के चलते कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने सोमवार को जिले में Coldrif (कोल्ड्रिफ) कफ सिरप की बिक्री पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने पेरेंट्स, डॉक्टरों और मेडिकल संचालकों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

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कब शुरू हुआ मामला?

दरअसल 20 सितंबर के बाद से छिंदवाड़ा के अलग-अलग इलाकों में कई बच्चों को सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत आने के बाद इलाज के दौरान उन्हें ये कफ सिरप दिए गए। इसके बाद कुछ ही दिनों में कई बच्चों को यूरिन आना बंद हो गया और हालत बिगड़ने पर उन्हें छिंदवाड़ा और नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 6 बच्चों की मौत हो गई।

मामले में कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने बताया अब तक कि जांच और बायोप्सी रिपोर्ट्स इस ओर इशारा कर रही हैं कि बच्चों की किडनी दवा की वजह से फेल हुई है। पानी या किसी इन्फेक्शन में ऐसा कुछ नहीं मिला। आईसीएमआर दिल्ली की टीम ने मौके पर जाकर जांच की है। बच्चों के ब्लड सैंपल पुणे के वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट भेजे गए थे, जिनमें किसी वायरस या बैक्टीरिया की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए ड्रग की वजह से किडनी फेल होने की संभावना ज्यादा है।
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जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आपात बैठक बुलाई, जिसमें कलेक्टर के साथ सीईओ जिला पंचायत, सीएमएचओ, मेडिकल कॉलेज डीन, डॉक्टर्स, ड्रग इंस्पेक्टर समेत कई अधिकारी शामिल रहे। इसी बैठक के बाद विवादित कफ सिरप की बिक्री पर बैन लगाने का निर्णय लिया गया।

इन सबके अलावा मरीज, डॉक्टर और मेडिकल संचालकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है, जिसके अनुसार 

-बच्चों को सर्दी या खांसी होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।
-अनधिकृत या अवैध चिकित्सकों से उपचार न कराएं।
-हर छह घंटे में पेशाब की निगरानी करें; यदि बच्चा छह घंटे से अधिक पेशाब नहीं कर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
-यदि बच्चा उल्टी कर रहा है या बहुत सुस्त है तो तुरंत चिकित्सीय मदद लें।
-बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं।
-यदि बुखार दो दिन से अधिक रहता है, तो तुरंत उपचार लें।
-जितना हो सके पानी उबालकर पीएं। ताजा खाना खाएं और स्वच्छता का विशेष ख्याल रखें।

मेडिकल संचालकों से कहा गया है कि वे बिना प्रिस्किप्शन के दवा न दें।

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