जिले के चांद थाना क्षेत्र के ग्राम परसगांव में ढाई साल की मासूम बच्ची मंजीता चौरिया की हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस जघन्य वारदात में पुलिस ने बच्ची की सगी मां संगीता चौरिया (35) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार 10 जनवरी को मासूम के पिता रामदास चौरिया ने अपनी ढाई साल की बेटी की संदिग्ध मौत को लेकर चांद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रारंभिक तौर पर मामला सामान्य मौत का प्रतीत हो रहा था लेकिन पुलिस ने नियमानुसार मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम और अन्य पहलुओं से जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों ने पुलिस की शंका को और गहरा कर दिया। रिपोर्ट में बच्ची की मौत स्वाभाविक न होकर गला दबाने से होना सामने आया। इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।
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जांच के दौरान पुलिस का शक बच्ची की मां संगीता चौरिया पर गया। पुलिस ने जब उससे गहन पूछताछ की तो वह लगातार बयान बदलती रही। सख्ती से पूछताछ करने पर आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी मां ने पुलिस को बताया कि घरेलू तनाव और मानसिक दबाव के बीच वह बच्ची के लगातार रोने से परेशान हो गई थी। इसी तनाव और गुस्से में उसने बच्ची की हत्या कर दी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त रुमाल को जब्त कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक श्री अजय पांडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे और एसडीओपी श्रीमती भारती जाट के मार्गदर्शन में चांद थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी ललित बैरागी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में उनि सावनलाल भलावी, आरक्षक विवेक बघेल, संदीप बघेल, म.आर. सोनम बघेल और सोनू सनोडिया की अहम भूमिका रही।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे परसगांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों को यकीन नहीं हो रहा कि एक मां अपनी ही ढाई साल की बच्ची की हत्या कर सकती है। लोग इसे समाज को झकझोर देने वाली घटना बता रहे हैं और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना पूरी गंभीरता से की जा रही है और कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए जाएंगे, ताकि आरोपी को कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिल सके।