मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। संपत्ति के लालच में वहशी बेटे ने दीपावली से पहले माता-पिता को पत्थर पर पटक-पटककर मौत के घाट उतार दिया।
रिश्तों को कलंकित करने का ये मामला छिंदवाड़ा जिले के हर्रई नगर की है। टीआई ओमेश मार्को के मुताबिक बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि वार्ड नंबर एक बायपास के पास दो शव पड़े हुए हैं, उसके बाद तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान डोरीलाल लिलिधर राय 82 साल, और उनकी पत्नी विद्या डोरीलाल राय 69 साल के रूप में हुई है। देखने से पता चल रहा था उन्हें पत्थर पर पटक-पटककर मारा गया है।
टीआई ने कहा कि दोनों की हत्या उनके 50 वर्षीय बेटे राधेश्याम राय ने पत्थर पटककर की है। राधेश्याम राय का अपने माता-पिता के साथ जमीन जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था, इसी के चलते उसने देर रात माता-पिता से विवाद किया और पत्थर पटक पटक कर उनकी हत्या कर दी। फिलहाल, पुलिस ने पंचनामा बनाकर दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस को सुबह लगी जानकारी
दरअसल, यह हत्या बीती रात को तकरीबन 3 बजे के आसपास हुई थी। लेकिन, इस की जानकारी पुलिस को सुबह एफआरबी द्वारा लगी, जिसके बाद तत्काल टीआई और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की इन्वेस्टीगेशन शुरू कर दी। प्रथमद्रष्टया पत्थर पटककर दोनों की हत्या की गई थी, जिसके चलते पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दिवाली मनाने के लिए मांगे थे पैसे
पड़ोसियों की मानें तो संपत्ति को लेकर विवाद में अक्सर परिवार में झगड़ा होता रहता था। बीती रात बेटा दीपावली मनाने के लिए पैसे मांग रहा था, पर माता-पिता ने देने से इंकार कर दिया था। इससे बेटा गुस्से में आगबबूला हो गया और बुजुर्ग मात-पिता पर हमला कर दिया।
बहन की हो चुकी है शादी, आरोपी नहीं है शादीशुदा
पुलिस ने बताया कि मृतक के एक बेटा और एक बेटी थे उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी थी, जबकि आरोपी कि अभी तक शादी नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि अक्सर वह अपने माता-पिता से जमीन जायदाद के बंटवारे को लेकर विवाद कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक माता-पिता संपत्ति में बेटी को भी हिस्सेदार बनाने की बात करते थे, जबकि बेटा इससे नाराज होता था। वह सारी संपत्ति अपने हिस्से में करने का दवाब बनाता था। माता-पिता को डर था कि वह संपत्ति बेचकर बर्बाद कर देगा। इसलिए जीते-जी वह संपत्ति बेटे को नहीं देना चाहते थे।