छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड के खमरा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले किशनपुर गांव में बुधवार को एक कुआं पूरे गांव के लिए चिंता का कारण बन गया। जिस कुएं का पानी ग्रामीण वर्षों से पीने और घरेलू उपयोग में ला रहे थे, उसी पानी के उपयोग के बाद करीब 25 से 30 ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। कुछ लोगों ने पानी पीया था तो कई लोगों ने उससे स्नान किया था। थोड़ी देर बाद शरीर में खुजली, त्वचा पर जलन और बेचैनी जैसी शिकायतें सामने आने लगीं। देखते ही देखते पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीणों के मुताबिक सुबह सब कुछ सामान्य था। महिलाएं कुएं से पानी भरकर घर ले गईं और लोगों ने रोजमर्रा की तरह उसका उपयोग किया। लेकिन कुछ समय बाद लोगों को पानी से असामान्य बदबू आने लगी। कई ग्रामीणों ने बताया कि पानी का स्वाद भी सामान्य नहीं लग रहा था। जब कुछ लोगों के हाथ-पैर में खुजली शुरू हुई और त्वचा पर एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे तो ग्रामीणों को किसी बड़ी गड़बड़ी का अंदेशा हुआ।
पानी में दिखा झाग, बढ़ी आशंका
ग्रामीणों ने जब दोबारा कुएं का निरीक्षण किया तो पानी में झाग दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर लोगों की चिंता और बढ़ गई। गांव में चर्चा शुरू हो गई कि संभवतः कुएं में कोई रासायनिक या जहरीला पदार्थ मिला दिया गया है। इसके बाद तत्काल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और पीएचई की टीमों को मौके पर रवाना किया गया। प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पांच एंबुलेंस गांव भेजी गईं। हालांकि अधिकांश ग्रामीणों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और खुद को सामान्य बताते रहे। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की निगरानी शुरू कर दी।
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कुएं से मिला पॉइजन का पाउच, मरी हुई मछली भी निकली
घटना में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने कुएं की और गहराई से जांच की। कुएं से पानी निकालने के दौरान एक कथित जहरीले पदार्थ का पाउच बरामद हुआ। इसके साथ ही कुएं में एक मरी हुई मछली भी पाई गई। इस घटना ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुएं में कोई जहरीला पदार्थ नहीं डाला गया होता तो पानी में झाग नहीं बनता और मछली की मौत भी नहीं होती। गांव के लोगों ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने शरारतन या किसी दुर्भावना के चलते पानी के स्रोत को दूषित किया हो सकता है।
एसडीएम और पीएचई की टीम मौके पर पहुंची
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की एसडीओ सीता मरकाम मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने कुएं का निरीक्षण किया और पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि पानी में कौन-सा पदार्थ मिला था और ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण क्या है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को फिलहाल कुएं का पानी पीने और उपयोग करने से मना किया है। साथ ही वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराया जा सके।
गांव में दहशत, लोग जवाब का इंतजार कर रहे
घटना के बाद किशनपुर गांव में भय और आशंका का माहौल है। ग्रामीणों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कुएं में ऐसा क्या मिला जिससे इतने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटा है। पानी की लैब रिपोर्ट और मौके से मिले पाउच की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी। तब तक किशनपुर के ग्रामीण प्रशासन की रिपोर्ट और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।