परिजनों तथा स्थानीय निवासियों ने प्रसूता को खाट पर डालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाने की कोशिश की।
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छिंदवाड़ा में सड़क खराब होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं आ सकी तो गर्भवती को खटिया पर लिटाकर लाना पड़ा, महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिजनों ने दो किमी चलकर जच्चा-बच्चा को गांव के बाहर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया। जच्चा-बच्चा सुरक्षित है।
जानकारी के अनुसार मामला मंगलावर रात का है। छिंदवाड़ा के उमरेठ तहसील के मांडईमाल पंचायत के आश्रित ग्राम गुरलूढाना में खराब सडक़ के कारण गर्भवती महिला का बीच रास्ते में प्रसव कराना पड़ा। गत रात्रि स्थानीय गुरलु ढाना निवासी महिला जरीना पति मनेश राजभोसोम (20) को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिस पर 108 एम्बुलेंस को बुलाया गया लेकिन सड़क खराब होने के कारण एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी। एम्बुलेंस गुरलु ढाना से 2 किलोमीटर दूर स्थित मुख्य ग्राम मांडई में ही खड़ी रही।
परिजनों तथा स्थानीय निवासियों ने प्रसूता को खाट पर डालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाने की कोशिश की। लेटलतीफी के चलते प्रसूता के घर की कुछ दूरी पर ही डिलीवरी हो गई। प्रसूता ने रास्ते में ही पुत्र को जन्म दे दिया। मौके पर कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के चलते जच्चा-बच्चा दोनों को खाट पर डालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया जहां एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल छिन्दवाड़ा ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उपचार जारी है।