छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत हर्रई के बजरंग दफाई के 18 परिवारों के लिए डब्ल्यूसीएल की बंद कोयला खदान मुसीबत का सबब बन गई है।
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छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत हर्रई के बजरंग दफाई के 18 परिवारों के लिए डब्ल्यूसीएल की बंद कोयला खदान मुसीबत का सबब बन गई है। इस खदान से रिस रही गैस लोगों के जीवन के लिए खतरा बनने लगी है। यहां जमीन धंसने और गैस रिसने से परेशान नागरिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर उन्होंने जमीन की मांग की। जमीन का पट्टा मिलने पर वे प्रधानमंत्री आवास योजना से मकान बनाकर रह सकेंगे।
गौरतलब है कि हर्रई पंचायत के बजरंग दफाई के नीचे पुरानी बंद कोयला खदान है। इस खदान के धंसने से कई जगह पर सतह धंस रही है। इस धंसे हुए हिस्से से खदान की गैस बाहर आ रही है। 18 सितंबर 2021 को एक व्यक्ति की मौत खदान की गैस के कारण हो चुकी है। इसके साथ ही कुछ बकरियां भी मरी थी। इसके बाद खदान ने इस हिस्से को खतरनाक घोषित कर दिया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र विश्वकर्मा ने ग्रामीणों के साथ एसडीएम से मिलकर इस मामले में चर्चा कर आबादी की भूमि घोषित कर नए इलाके में पट्टा देने की मांग की है।
हनुमान दफाई में 18 परिवार निवास करते हैं। ये सभी परिवार गरीबी रेखा के नीचे वाले कार्डधारी हैं। छोटे मोटे काम करने वाले ये लोग जमीन खरीदकर कहीं और मकान नहीं बना सकते। सरकारी जमीन मिलने पर वे वहां प्रधानमंत्री योजना से मकान बनाकर रह लेंगे। एसडीएम को ज्ञापन देते समय संध्या टेकरे, शिवा भलावी, मुरारी पहाडे, सूरजभान कैथवास, गिरधारी, कमलवती, नरेंश टांडेकर, मुरली पहाडे, सुखवती भावरकर, अंकिता मौजूद थे।