छतरपुर में जिला कांग्रेस कार्यालय के दरवाजे पर चप्पल टांगने/बांधने का मामला सामने आया है। शहर के बीचो-बीच कलेक्टर ऑफिस के पास नेशनल हाइवे सड़क पर स्थित कांग्रेस कार्यालय (राजीव राजभवन) में कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर चप्पल टंगी मिली। मामले की जानकारी मिलने पर जब कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय में ताला पड़ा हुआ था और उसमें भी चप्पल पड़ी/बंधी हुई थी।
मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष लखन पटेल ने बताया, यह किसी शरारती तत्व की साजिश है। कार्यालय के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, हम चेक करवाते हैं। साथ ही उन्होंने मामले की कोतवाली थाने में रिपोर्ट करने की बात भी कही है।
बीजेपी जिलाध्यक्ष का बयान...
मामले में बीजेपी जिलाध्यक्ष मलखान सिंह ने कहा, यह बड़ी विडंबना वाली बात है। इस शरारत में कांग्रेस का ही कोई रुष्ट कार्यकर्ता हो सकता है। दरअसल, छतरपुर में कांग्रेस कार्यालय खुलता ही नहीं है।
'विचारधारा का फर्क...'
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने कहा, कांग्रेस का जिला कार्यालय एक कमरे में चलता है, जो अक्सर खुलता नहीं, वहां ताला पड़ा रहता है। जहां तक है कि यह छतरपुर के विधायक आलोक चतुर्वेदी के निवास से संचालित होता है। उन्होंने कहा, दरअसल यह विचारधारा का फर्क है। एक ओर जहां बीजेपी में कार्यालय, पार्टी और संगठन को महत्व दिया जाता है। वहीं, इसके उलट कांग्रेस में नेता और व्यक्ति विशेष को महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि छतरपुर कांग्रेस जिला कांग्रेस की नींव स्तंभ/भवन पर ही ध्यान नहीं दे पा रही तो ऐसा होना लाजमी है।