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Ramleela Video: 118 साल पुरानी रामलीला के मंच पर रासलीला, फिल्मी गानों पर थिरकी सूर्पनखा, देखें वीडियो

Tue, 04 Oct 2022 09:50 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में 118 साल पुरानी रामलीला में मंच पर लक्ष्मण सूर्पनखा संवाद के दौरान फूहड़ता का मामला सामने आया है। जहां फिल्मी गानों पर डांस हुआ है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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रामलीला के मंच पर रासलीला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामलीला मंच पर लक्ष्मण सूर्पनखा संवाद के दौरान फूहड़ता का मामला छतरपुर जिले के नौगांव शहर का है। जहां रविवार की रात नौगांव की ऐतिहासिक रामलीला मंच से राम बनवास और सूर्पनखा संवाद का मंचन किया गया।

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बता दें कि मंच पर राम-लक्ष्मण और सीता पंचवटी में बैठे हुए दिखाए जाते हैं। तभी पंचवटी में दिखाया जाता है कि रावण की बहन सूर्पनखा जब वन में विचरण कर रही होती है, तो उसकी नजर राम-लक्ष्मण पर पड़ती है। वह उनसे विवाह का प्रस्ताव रखती है। कभी राम तो कभी लक्ष्मण के पास बार-बार जाने से वह दुखी हो जाती है। राम के इशारे पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं।

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सूर्पनखा ने किया फिल्मी गानों पर डांस...
एक ओर इस दौरान सूर्पनखा किरदार फिल्मी गीतों पर ठुमकते हुए फूहड़ता भर नृत्य करते नजर आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर मंच पर भगवान रूपी श्रीराम, माता रूपी सीता, लक्ष्मण सहित कई किरदार बैठे थे। वहीं दर्शकों के रूप में सैकड़ों की तादाद में युवती, महिलाएं, लड़कियां, बच्चे, बूढ़े और जवान सभी वर्ग का भारी संख्या में जनसमुदाय मौजूद रहा। इन्हीं सबके सामने यह फूहड़ता भरा नृत्य चलता रहा।



ये रहे किरदार...
लक्ष्मण के किरदार में पीयूष चतुर्वेदी तो राम के किरदार में दिव्यांश मिश्रा नजर आए। वहीं, सीता की किरदार में सिद्धार्थ तिवारी और सूर्पनखा के किरदार में शुभांकर दीक्षित नजर आए। इस दौरान रामलीला प्रांगण में भारी जनसमूह था, जो वहां समा नहीं रहा था। इस कदर भीड़ थी कि माहौल देखते हुए सुरक्षा व्यस्था के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
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रामलीला समिति अध्यक्ष बोले- कोई फूहड़ता नहीं...
मामले में जब रामलीला समिति अध्यक्ष विनोद मेहरोत्रा से बात की गई तो उनका कहना है कि यह हर साल ऐसा होता है। सूर्पनखा पूरे वस्त्र पहने हुए थे कोई फूहड़ता नहीं थी। सिर्फ फिल्मी गाना था, जिस पर डांस किया है। फिल्मी गाने भी कोई गंदे नहीं थे।

सूर्पनखा का एक ऐसा पात्र और रोल होता है, जिसे लोग मनोरंजन के लिये देखने आते हैं और लोगों का मनोरंजन होता है। हमारे यहां जिस दिन सूर्पनखा का कार्यक्रम होता है, उस दिन हर दिन से ज्यादा भीड़ होती है। यह रोल फ्री-लांच रोल माना गया है, जिसमें कि लोगों का मनोरंजन होता है। अगर अब भी लोगों को आपत्ति है तो आगे से फिल्मी गानों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

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