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MP News: मंदिरों में नहीं तो कहां जाता है कथा से आने वाला धन? बागेश्वर महाराज ने बताया उद्देश्य, कही ये बात

Sat, 10 Jan 2026 12:07 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

महाराष्ट्र के आमगांव में श्रीराम कथा के दौरान बागेश्वर महाराज ने कहा कि कथा से प्राप्त धन से मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं, ताकि गरीबों को इलाज के बहाने धर्मांतरण न झेलना पड़े। उन्होंने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने और चढ़ावे का उपयोग सेवा व गरीब हिंदू बेटियों के लिए करने की मांग की।

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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में इन दिनों बागेश्वर महाराज श्रीराम कथा के माध्यम से भक्तों को भक्ति-रस का पान करा रहे हैं। कथा के द्वितीय दिवस उन्होंने समाज को झकझोर देने वाले विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। बागेश्वर महाराज ने स्पष्ट किया कि कथाओं से जो धन प्राप्त होता है, उससे मंदिर नहीं बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं। हम सेवा वाला बाबा भी बनना चाहते हैं। अस्पताल इसलिए बनवाते हैं, ताकि किसी भी गरीब को इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए मजबूर न किया जाए। महाराज ने आह्वान करते हुए कहा कि हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन तुम धर्मांतरण मत करो।

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बागेश्वर महाराज ने कहा कि इस देश में एक-एक हजार करोड़ के मंदिर पहले से मौजूद हैं, लेकिन क्या केवल मंदिरों से हिंदुओं का धर्मांतरण रुक पा रहा है? हिंदुओं के चढ़ावे से केवल मंदिर बड़े हो रहे हैं। अंत में उन्होंने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि मंदिरों को सरकारी अधीनता से मुक्त किया जाना चाहिए और मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का उपयोग गरीब हिंदू बेटियों के घर बसाने और सेवा कार्यों में किया जाना चाहिए।
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बागेश्वर महाराज ने बांग्लादेश में हाल ही में घटित एक हृदयविदारक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक हिंदू विधवा महिला की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इसी प्रकार कुछ समय पूर्व एक 8 वर्ष की बच्ची के साथ 20 लोगों ने अमानवीय अपराध किया। महाराज ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि यह सब हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है, हमें इस देश के आने वाले बच्चों, उनकी जमीनों, मकानों और पीढ़ियों की चिंता है। इसी चिंता के कारण हम पैदल पदयात्रा करते हैं, तीन-तीन रात कथाएं करते हैं और सोते नहीं।

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