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Chhatarpur: नाबालिग को घर में घुसकर छेड़ा, नहीं लिखी रिपोर्ट तो खाया जहर, दो माह से नहीं जा पा रही थी स्कूल

Wed, 06 Nov 2024 06:22 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

छतरपुर में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक नाबालिग ने छेड़छाड़ की रिपोर्ट नहीं लिखे जाने से परेशान होकर जहर खा लिया। हालांकि पुलिस मामले को झूठा बता रही है। 
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छतरपुर में छेड़छाड़ से पीड़ित नाबालिग ने जहर खा लिया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतरपुर में कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली 15 साल की किशोरी के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ कर अस्मत लूटने के प्रयास का मामला सामने आया है। जहां पीड़िता ने थाने में रिपोर्ट न लिखे जाने पर देर रात जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया है। जिसे गंभीर हालत में ईशानगर अस्पताल वहां से छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।
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जानकारी के मुताबिक मामला छतरपुर जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा और उसकी मां ने बताया कि वह पति-पत्नी ईशानगर बाजार करने गए थे। इस दौरान उनकी बड़ी बेटी घर में अपनी छोटी बहन के साथ अकेली थी। रात 8 बजे करीब उसके घर के ही बगल में रहने वाले रमेश कुशवाहा और अर्जुन कुशवाहा घर में घुस आए और उसके साथ बदतमीजी और छेड़छाड़ करते हुए उसकी अस्मत लूटने का प्रयास करने लगे। उसके मुंह को कपड़े से बंद कर दिया गया था, वह चिल्ला नहीं पा रही थी। आरोपियों में से एक हाथ पकड़े था दूसरे उसके कपड़े नोच रहा था। इसी दौरान उसके माता-पिता बाजार से लौट आए और बेटी के साथ हो रही घटना पर वह आरोपियों पर टूट पड़े तो आरोपियों और दोनों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान पीड़ित माता-पिता थाने पहुंचे तो आरोपी भी थाने पहुंच गए। 

पीड़ित महिला और छात्रा का आरोप है कि थाने में हमारी रिपोर्ट नहीं लिखी गई, उल्टा उनके कहने पर हमारे खिलाफ थाने में मामला दर्ज कर दिया गया। हम लोग रात 12 और 1 बजे तक बैठे रहे पर हमारी नहीं सुनी गई न ही हमारी रिपोर्ट लिखी गई। तो हम रात 1 बजे घर वापस आ गए जहां मेरी बेटी ने बेइज्जती, आत्मग्लानि और रिपोर्ट न लिखे जाने से परेशान होकर घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। जब हमने देखा तो वह बेसुध पड़ी थी जिसे हम स्थानीय ईशानगर अस्पताल ले गए, जिसे वहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। जहां जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में इलाज चल रहा है।
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थाना प्रभारी बोले- मामला झूठा
मामले में थाना प्रभारी ईशानगर शैलेंद्र सक्सेना से बात की तो उनका कहना है कि दोनों पक्ष अगल-बगल में रहते हैं। एक ही परिवार और एक ही समाज के हैं, इन लोगों का जमीनी विवाद चल रहा है। एक माह पहले भी विवाद हुआ था जिस पर इनके खिलाफ थाने में मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। कल फिर यह विवाद करके आ गए तो सामने वाले घायल थे, जिनकी एमएलसी कराई गई थी तो कल फिर इन पर मारपीट का मामला दर्ज हुआ है। जिससे परेशान होकर इन्होंने यह रचना रची और झूठा मामला बनाकर पेश कर दिया है।
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