छतरपुर के ललौंनी सरपंच कैलाश सिंह को चैक बाउंस के मामले में शनिवार को जिला अदालत ने जमानत की अर्जी पर सुनवाई आगे बढ़ाते हुए जेल भेज दिया है। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि अम्बिकेश मिश्रा निवासी सटई रोड छतरपुर ने 3 लाख रुपये के चैक बाउंस का मामला छतरपुर अदालत में पेश किया था, जिसके अनुसार सरपंच कैलाश सिंह के द्वारा तीन लाख रुपये उधार लिए थे। उधारी चुकाने के लिए कैलाश सिंह ने अम्बिकेश को 11 जून 2016 को तीन लाख रुपये का चैक दिया था, जब अम्बिकेश ने अपने बैंक खाते में चैक जमा किया तो बैंक द्वारा कैलाश सिंह के खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से चैक का भुगतान करने से मना कर दिया था। धोखाधड़ी करने पर अम्बिकेश ने धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम के तहत कोर्ट में मामला पेश किया था।
हाजिर नहीं हुए तो कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
चैक बाउंस मामले में करीब एक साल पहले कैलाश सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तब कोर्ट ने कैलाश सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। शनिवार को कैलाश सिंह कोर्ट में हाजिर हुए और जमानत की अर्जी लगाई। न्यायाधीश भूपेंद्र सिंह यादव की अदालत ने सरपंच कैलाश को जेल भेजते हुए 7 मार्च 2022 की तारीख जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए नियत की है।