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Chhatarpur News: बागेश्वर धाम पहुंचे सद्गुरु, बालाजी के किए दर्शन, पं. धीरेंद्र शास्त्री ने किया अभिनंदन

Sat, 14 Mar 2026 04:08 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के बागेश्वर धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। इस दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका आत्मिक अभिनंदन किया।
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बागेश्वर धाम पहुंचे सद्गुरु - फोटो : अमर उजाला
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विश्वभर में सनातन और आध्यात्मिक चेतना के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में उस समय श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया, जब दक्षिण भारत के प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु और पद्म विभूषण से सम्मानित सद्गुरु जग्गी वासुदेव धाम पहुंचे। यहां बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनका आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान बागेश्वर महाराज की माताजी ने भी सद्गुरु का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।

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दोनों आध्यात्मिक गुरुओं के बीच धर्म, आस्था, योग, ध्यान और जीवन दर्शन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बागेश्वर महाराज ने सद्गुरु को बालाजी के दर्शन कराए और बागेश्वर महादेव तथा संन्यासी बाबा के दर्शन भी कराए। साथ ही उन्होंने यहां की आध्यात्मिक महिमा और संन्यासी बाबा द्वारा लगभग साढ़े 300 वर्ष पूर्व की गई साधना के बारे में भी जानकारी दी।

बागेश्वर धाम जनसेवा समिति के सदस्य ऋषि शुक्ला ने बताया कि ईशा फाउंडेशन, कोयंबटूर के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने बागेश्वर महाराज को आदि योगी की प्रतिमा भेंट की। वहीं बागेश्वर महाराज ने अपनी माताजी की उपस्थिति में सद्गुरु को श्रीराम दरबार की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
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इस मुलाकात को सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर दोनों संतों ने लोगों को आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

सद्गुरु के साथ उनके साधक परिवारों के प्रतिनिधि भी बागेश्वर धाम पहुंचे, जिनमें लगभग 40 देशों से जुड़े अनुयायी शामिल थे। इन साधकों ने भी श्रद्धा के साथ धाम में अर्जी लगाई और पूजा-अर्चना की। साधकों को प्रसाद स्वरूप एक थाली भेंट की गई, जिसमें हनुमान चालीसा, श्रीमद भगवत गीता, रुद्राक्ष माला, बालाजी का विग्रह, लॉकेट और अंग्रेजी में लिखी साधु जी सीताराम पुस्तक सहित महाप्रसाद रखा गया था।
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धाम में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर बेहद खास रहा क्योंकि दो प्रमुख आध्यात्मिक परंपराओं के मार्गदर्शक एक साथ मंच पर दिखाई दिए। इस दौरान सनातन धर्म की वैश्विक पहचान, योग और ध्यान के माध्यम से जीवन में संतुलन और शांति स्थापित करने जैसे विषयों पर भी विचार साझा किए गए। बागेश्वर धाम में आयोजित इस आध्यात्मिक मिलन को भक्तों ने सनातन संस्कृति की एकता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बताया।

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