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छतरपुर: समन के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हुए बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव, 5 हजार का जमानती वारंट जारी

Thu, 29 Oct 2026 10:43 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर

सार

जबलपुर हाईकोर्ट ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव के खिलाफ 5 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान समन तामील होने के बावजूद उनके अदालत में उपस्थित नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।
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मप्र हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ ने न्यायालय के समन के बाद भी उपस्थित न होने पर महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के खिलाफ पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। अवमानना मामले में उच्च न्यायालय द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के बाद से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक हलकों में यह पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया है।

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अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया आदेश
न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ ने यह आदेश अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। यह मामला शिवम स्वर्णकार एवं अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका क्रमांक CONC No. 6249/2026 से संबंधित है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सिद्धांत कोचर ने अदालत को अवगत कराया कि कुलसचिव को दस्ती नोटिस तामील कराया जा चुका है। इसके समर्थन में याचिकाकर्ता क्रमांक छह का शपथ पत्र भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। इसके बावजूद कुलसचिव अदालत में उपस्थित नहीं हुए और न ही उनकी ओर से कोई अधिवक्ता पेश हुआ।

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16 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश
उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई पर कुलसचिव की उपस्थिति निश्चित रूप से सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से यह जमानती वारंट जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस दिन कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अब अगली सुनवाई में कुलसचिव की उपस्थिति और अवमानना याचिका पर होने वाली अगली कानूनी कार्रवाई पर प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।

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