संविदा आयुष डॉक्टर और सपोर्टिंग स्टाफ ने पीपीई किट पहनकर विरोध जताया है।
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बेरोजगार हो चुके कोरोना वॉरियर्स ने छतरपुर में पीपीई किट पहनकर विरोध जताया है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें फिर से रोजगार दिया जाए।
बता दें कि कोरोना काल में सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने संविदा आयुष डॉक्टर और सपोर्टिंग स्टाफ की नियुक्ति की थी। जिन्हें कोरोना वारियर्स कहा जाता था, किन्तु पिछले दिनों आए एक आदेश ने लगभग 50 लोग बेरोजगार हो गए। जिसका असर उनके परिवार के भरण पोषण पर भी पड़ा है।
आंदोलन कर रहे आयुष चिकित्सक ने बताया कि कोरोना काल से पहले वे निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे थे। मार्च 2020 में आई कोरोना लहर को देखते हुए एनएचएम के माध्यम से ये भर्तियां की गई थीं। अब बजट का बहाना बनाते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। हमने अपनी जान पर खेलकर लोगों की सेवा की थी। हमारी सरकार से मांग है कि उन्हें संविदा में संविलियन कर दिया जाए तो समस्या का हल हो सकता है।