मध्य प्रदेश के छतरपुर में 17 साल के एक कक्षा-10 के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उत्कृष्ट विद्यालय (एक्सीलेंस स्कूल) का यह छात्र कथित तौर पर गणित के परचे की तैयारी नहीं कर सका था। इस वजह से डिप्रेशन में आकर उसने गणित के परचे से पहले ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
छतरपुर के हनुमान टोरिया के पीछे शिव कॉलोनी में 17 साल के सुमित ताम्रकार ने सोमवार रात को फांसी लगा ली। सुमित का मंगलवार को गणित का पेपर था, जो उसे सिंचाई कॉलोनी स्थित सरस्वती स्कूल के केंद्र पर देना था। छात्रों के परिजनों का कहना है कि लॉकडाउन में ऑनलाइन पेपर हुए। उस दौरान छात्रों को नकल की आदत पड़ गई है। अचानक ही सरकार ने नियमों में बदलाव किया तो छात्र डिप्रेशन में आ गए। अच्छे से पढ़ाई नहीं कर सके और इसी के चलते सुमित ने सुसाइड किया है।
ऑफलाइन ने बढ़ाया दबाव
सुमित के परिजनों का कहना है कि वह पढ़ाई में अच्छा था। ऑनलाइन पढ़ाई घर पर ही करता था। सरकार ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा का पैटर्न बदला और ऑफलाइन किया तो वह डिप्रेशन में आ गया। देर रात परिजनों ने सुमित को समझाइश भी दी थी, लेकिन वह ज्यादा ही घबरा गया था। सुबह पता चला कि उसने आत्महत्या कर ली है।