छतरपुर में 108 एंबुलेंस के निजी उपयोग का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। सायरन बजाकर दौड़ रही एंबुलेंस में मरीज की जगह कॉलेज छात्रा मिलने पर सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता ने जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे पर सवाल खड़ा किए हैं।
छतरपुर में आपातकालीन सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां 108 एंबुलेंस, जो आमतौर पर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने के लिए जानी जाती है, उसका इस्तेमाल निजी काम के लिए किए जाने का आरोप लगा है। मामला उस समय उजागर हुआ जब सायरन बजाते हुए तेज रफ्तार में दौड़ रही एबुलेंस के अंदर एक कॉलेज छात्रा बैठी मिली, जबकि कोई मरीज मौजूद नहीं था।
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सीएमएचओ ने मांगा जवाब, दी चेतावनी
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता ने 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े अधिकारियों को पत्र जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि चालक दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस चालक कथित तौर पर सरकारी वाहन का दुरुपयोग करते हुए छात्रा को कहीं ले जा रहा था। इस दौरान रास्ते में एक स्थानीय नागरिक की नजर एम्बुलेंस के अंदर बैठी लड़की पर पड़ी। स्थिति संदिग्ध लगने पर उसने तुरंत अपनी बाइक से एम्बुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रुकवा लिया।
पूछताछ में उलझा चालक
एंबुलेंस रुकने के बाद जब चालक से पूछताछ की गई, तो वह घबरा गया। उसने छात्रा को अपनी बहन बताकर मामले को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका। इससे उसकी बातों पर संदेह और गहरा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
लोगों में नाराजगी, बोले- जरूरत के वक्त नहीं मिलती एंबुलेंस
वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार गंभीर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाती, ऐसे में इस तरह का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है। यह न केवल आपातकालीन सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि निगरानी व्यवस्था की भी पोल खोलता है।