राज्यपाल मंगूभाई पटेल से शिकायत करती छात्रा।
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राज्यपाल मंगूभाई पटेल के सामने झाबुआ-पेटलावद के एकलव्य आदर्श स्कूल की आदिवासी बच्चों ने पोल खोलकर रख दी। बच्चों ने राज्यपाल को बताया कि उनको तीन बार नहीं दो बार खाना दिया जाता है। इसमें भी दाल के नाम पर पानी दिया जाता है। उनसे स्कूल परिसर में पत्थर बिनवाए जाते हैं।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल शुक्रवार को पेटलावद के एकलव्य आदर्श स्कूल में बच्चों से संवाद कार्यक्रम शामिल हुए। उनके साथ भाजपा सांसद गुमान सिंह डामोर भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान 12वीं कक्षा की छात्रा ने राज्यपाल से अनुमति लेकर स्कूल और होस्टल की खामियां गिनाना शुरू कर दिया। छात्रा ने कहा कि यहां बहुत सारी समस्याएं हैं। अभी यहां कहा गया कि तीन बार खाना और दो बार नाश्ता मिलता है। छात्रा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। हमें दो बार खाना मिलता है। दाल भी पानी पानी मिलती है। नाश्ते में हमें पोहे दिए जाते हैं। अभी हमने एक लिस्ट देखी थी, जिसमें नाश्ते में बहुत कुछ था। खीर-पुड़ी, बिस्टिक, लेकिन हमें कुछ नहीं दिया गया। फिर एक अन्य छात्रा ने कहा कि जब हम क्लास में पढ़ते हैं तो हमको पत्थर बिनवाए जाते हैं। इस बीच सांसद ने खड़े होकर दोनों बच्चों की शिकायत सुनने के बजाए उनको चुप करा कर बैठा दिया।
आपबीती बताते हुए रोया छात्र
एकलव्य स्कूल के 6वीं के छात्र शिवराज सिंह मीणा मीडिया को अपनी आप बीती बताते हुए रोने लगा। शिवराज ने कहा कि चावल ठीक नहीं मिलते। दाल पानी-पानी मिलती है। उन्होंने शिकायत करने पर होस्टल की अधीक्षिका दुर्गा अग्रवाल पर पीटने का आरोप लगाया।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
वहीं, विद्यार्थियों ने बताया कि यहां पर खाने में हरी सब्जी हमें नहीं दी जाती है। नाश्ता सुबह 7 बजे की जगह 9 बजे दिया जाता है। बहुत दिनों से हम लोग रात 10 बजे खाना खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमने प्रिंसिपल को शिकायत कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
एसडीएम बोले- अधीक्षिका सस्पेंड, जांच कर रहे
इस मामले में पेटवालद के एसडीएम शिशिर गेमावत ने कहा कि इस मामले में होस्टल अधीक्षिका को सस्पेंड कर दिया है। दो सदस्यीय टीम बच्चों की शिकायत पर जांच कर रही है। चार से पांच दिन में रिपोर्ट कलेक्टर झाबुआ के सामने पेश की जाएगी।