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मध्यप्रदेशः आयकर विभाग की छापेमारी में 281 करोड़ के बेहिसाब कैश रैकेट का खुलासा

Mon, 08 Apr 2019 10:52 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मध्यप्रदेश में दिल्ली आयकर विभाग की छापेमारी में 281 करोड़ रुपये की बेहिसाब कैश रैकेट का खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने जानकारी दी कि राजनीति, व्यापार और सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों के यहां की गई कार्रवाई में इस कैश रैकेट का खुलासा हुआ। 

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सीबीडीटी ने कहा कि कैश का एक हिस्सा हवाला के जरिए एक बड़ी पार्टी के दिल्ली स्थित राजनीतिक पार्टी को भी भेजा गया है। सीबीडीटी ने जानकारी दी कि इस कार्रवाई में 14.6 करोड़ रुपये का बेहिसाब कैश, 252 शराब की बोतलें, हथियार और बाघ की खालें भी बरामद की गई हैं। सीबीडीटी ने जब्त किए गए कैश के अलावा कुछ दस्तावेजों का भी खुलासा किया है। हालांकि इसमें किसी नेता के नाम का ज्रिक नहीं किया गया। 

बता दें कि कैशबुक के अलावा 242 करोड़ रुपये की रकम के फर्जी बिलों के जरिए हेरफेर और टैक्स के लिए स्वर्ग कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों के भी साक्ष्य मिले हैं। इस कार्रवाई में दिल्ली के पॉश इलाकों में कुछ बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा किया गया। 
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कमलनाथ के करीबियों पर दूसरे दिन भी जारी रही आयकर की छापेमारी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों और अन्य लोगों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में बड़े पैमाने पर नकदी और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि चुनावी माहौल में कथित कर चोरी और हवाला के जरिये लेनदेन को लेकर आयकर विभाग की छापेमारी भोपाल, इंदौर, दिल्ली और एनसीआर में जारी है। हालांकि अब तक जब्त राशि पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि 10 करोड़ से ज्यादा नकदी जब्त की गई है।

आयकर विभाग कथित हवाला डीलर पारसमल लोढ़ा से जुड़े छह लोगों से पूछताछ कर रहा है। विभाग ने रविवार को कमलनाथ से जुड़े लोगों के 52 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी।

सूत्रों ने बताया कि इस बात की प्रबल संभावना है कि छापेमारी में बरामद नकदी का इस्तेमाल चुनाव को प्रभावित करने के लिए राज्यों और दिल्ली में मतदाताओं को रिश्वत देने के लिए किया जाना था।
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