मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान देने के मामले में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के खिलाफ सीजेएम कोर्ट ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।
अजय सिंह को 11 नवंबर को उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं। अजय सिंह को उपरोक्त प्रकरण में जमानत करानी होगी।
अजय सिंह के विरुद्ध भारतीय दंड विधान-500 के तहत मानहानि का प्रकरण दर्ज किया गया है।
इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह ने एक करोड़ रुपए का मानहानि का दावा किया है। वकील के अनुसार ऐसे मामलों में अपराध सिद्ध होने पर दो साल तक की सजा हो सकती है।
अजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रेस कांफ्रेंस व आम सभाओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी पर कई आरोप लगाए थे और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनकी पत्नी को नोट गिनने की मशीन तक कह डाला था।
आपत्तिजनक भाषा से आहत होकर मुख्यमंत्री ने यह प्रकरण दर्ज कराया था।
मुख्यमंत्री की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने बताया कि शिवराज सिंह चौहान ने वकील के माध्यम से माफी मांगने का प्रस्ताव भी अजय सिंह के सामने रखा था, लेकिन उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी थी।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि फिलहाल अजय सिंह को जरूर जमानत करानी होगी लेकिन अंत में यह समझौते के बाद खत्म हो जाएगा। इस मामले को चुनावों के मद्देनजर ज्यादा तूल दिया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेयी का कहना है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर होने वाले किसी भी अनर्गल हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है लेकिन व्यक्तिगत रूप से मानहानि करना वैसे भी शिष्टाचार के विरुद्ध है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने भी भाजपा नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर कांग्रेसी नेताओं के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएं और पलटकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला जाए।