इससे गुस्साए हरी ने महेंद्र को गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया, उसने गाली देने से रोक तो आरोपी हरी ने उसके प्राइवेट पर हमला कर दिया, जिससे उसकी जान पर बन आई। साथ ही आरोपी ने युवक को जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान पीड़ित महेंद्र के मामा सुनील वहां पहुंचे और उसे छुड़ाया। हमले में महेंद्र को अंदरूनी चोट आई, जिसके बाद उसने आरोपी हरी के खिलाफ धारा 294, 323, 506 भादवि के तहत केस दर्ज कराया। पांच साल बाद न्यायालय ने हरी को धारा 323 के तहत दोषी मानते हुए उसे न्यायालय उठने तक के कारावास से दंडित किया।