खेत में लगी हल्दी की फसल।
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हल्दी को बढ़ावा, करीबन 1680 कृषक हल्दी खेती से जुडे़
बुरहानपुर जिले में 'एक जिला-एक उत्पाद' अंतर्गत केले फसल को शामिल किया गया है। इसके साथ ही उद्यानिकी फसल हल्दी को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी है। जिले में सेलम किस्म की हल्दी लगाई जाती है। हल्दी की खेती से जिले में करीबन 1680 कृषक जुडे़ हैं। यहां मुख्यतः डोइफोडिया क्लस्टर, सिरपुर क्लस्टर, खकनार क्लस्टर एवं फोफनार क्लस्टर में हल्दी की खेती होती है।
खेत से हल्दी निकालते मजदूर।
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जिले की हल्दी अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंची
रूस में आयोजित 'नमस्ते भारत' प्रदर्शनी में बुरहानपुर की हल्दी ने सहभागियों को अपनी ओर आकर्षित किया। आयोजित प्रदर्शनी कार्यक्रम में उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक राजू बड़वाया, खकनार फार्मर प्रोड्यूसर प्राइवेट लिमिटेड बुरहानपुर उज्ज्वल चौधरी एवं जबलपुर मध्यप्रदेश के अवद्या हर्ब एंड फूड प्राइवेट लिमिटेड उद्यमी अंबिका पटेल द्वारा 23 जनवरी से 26 जनवरी, 2025 तक 'एक जिला-एक उत्पाद' प्रादर्शो जैसे केला चिप्स, केला पाउडर, केला फिंगर, केला सेव, केला मिठाई आदि की प्रदर्शनी के साथ सहभागिता की गई।
प्रतिवर्ष 20 टन हल्दी होगी एक्सपोर्ट
उपसंचालक उद्यानिकी बड़वाया ने बताया कि हल्दी पाउडर के एक्सपोर्ट हेतु खकनार कृषि विकास प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, संस्थापक इकोइंडिया और एलएससी एकोमिर कंपनी अध्यक्ष भारत-रूस मैत्री संगठन हारमनी द्वारा एमओयू साइन किया गया है। जिसमें जिले से प्रतिवर्ष 20 टन हल्दी का एक्सपोर्ट किया जाएगा।
हल्दी की क्वालिटी चेक करती टीम।
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समृद्धि और आर्थिक विकास के खुलेंगे द्वार
जिले में 32 हल्दी प्रोसेसिंग यूनिट है। हल्दी की क्वालिटी गहरी पिली और करक्यूमिन की मात्रा 3.02 प्रतिशत है। निश्चित ही हल्दी के व्यवसाय से जिले के किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ जिले में समृद्धि और आर्थिक विकास होगा।
3.02 प्रतिशत करक्यूमिन बनाती है इसे खास
करक्यूमिन को इम्यूनोमॉड्यूलेटरी एजेंट माना जाता है। यह रोगाणुओं के हमले के ख़िलाफ़ प्रतिरक्षा कोशिकाओं को सक्रिय करता है। करक्यूमिन दिमाग की क्षमता को मज़बूत करने में भी मदद करता है। करक्यूमिन को अलग करके दवाओं में भी इस्तेमाल किया जाता है।