बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा है।
नवतपा के आठवें दिन सोमवार शाम जिले में मौसम ने अचानक करवट ले ली। शाम करीब 5 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ हुई झमाझम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं और बारिश ने कुछ ही मिनटों में कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया।
बारिश से भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन कई घरों में पानी घुस गया। तेज हवा के कारण कई जगह टीन-शेड और टप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। अचानक मौसम बदलने के कारण लोग अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर भी नहीं पहुंचा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश और आंधी का व्यापक असर देखने को मिला। जिले के कई गांवों में किसानों की केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पशुपालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि घास-चारा और गौशालाओं में रखा सामान भीग गया।
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उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से बुरहानपुर जिला भीषण गर्मी की चपेट में था और तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। सोमवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। जिले में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 18 जून के बाद मानसूनी गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी शाहपुर क्षेत्र में तेज बारिश और आंधी ने नुकसान पहुंचाया था। वहीं सोमवार को खकनार, नेपानगर, घाघरला, हैदरपुर, नावरा, दूधिया और गोराडिया सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। ग्राम डाभियाखेड़ा के सरपंच कृष्णा कार्डेकर ने बताया कि अचानक हुई बारिश और तेज हवा के कारण कई किसानों की केले की फसल बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।