अधिकारी ने ट्रैकमैन के साथ मिलकर बेचा लोहा
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बुरहानपुर में रेलवे का लोहा बेचने का मामला सात अक्तूबर का है, जिसकी शिकायत आरपीएफ के क्राइम ब्रांच को की गई थी। भुसावल और बुरहानपुर आरपीएफ स्टाफ के द्वारा इस मामले में तफ्तीश की गई, जिसके बाद जांच में मामला सही पाया गया। फिलहाल, आरपीएफ ने दोनों रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार कर खंडवा की रेलवे कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 17 अक्तूबर तक की रिमांड पर भेजा गया है, जिसके बाद इस पूरे मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
बुरहानपुर के रेलवे कर्मचारियों के द्वारा बड़ी मात्रा में रेलवे का स्क्रैप लोहा बेचने का मामला सामने आया है। दरअसल, पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब भुसावल आरपीएफ की क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली की करीब 42 टन लोहा वाघोड़ा रावेर की रेल लाइन के पास रखा था, जो रेलवे में स्क्रैप की श्रेणी में था। करीब 25 लाख रुपये से अधिक कीमत का यह स्क्रैप सात अक्तूबर को रेलवे के ही सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरेंद्र कुमार और ट्रैकमैन भरत कुमार ने ट्रकों के माध्यम से लोड कराकर नागपुर की एक फर्म एआर ट्रेडर्स को बगैर किसी तरह के आधिकारिक टेंडर निकाले बेच दिए। 10 अक्तूबर को पूरी घटना की सूचना भुसावल की रेलवे क्राइम ब्रांच को लगने पर क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर एलके सागर के नेतृत्व में रेलवे ने मामले की जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच ने 11 अक्तूबर को वेरीफाई किया कि शिकायत के अनुसार बताया गया रेलवे का लोहा गलत तरीके से ही बेचा गया है। विभागीय नियमों के अनुसार, इसके लिए विधिवत टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो कि यहां नहीं की गई थी।
जांच पूरी होने और शिकायत सही मिलने के बाद शुक्रवार देर रात करीब दो बजे के आसपास आरपीएफ क्राइम ब्रांच की टीम बुरहानपुर पहुंची। यहां आरपीएफ बुरहानपुर के निरीक्षक सुधीर पी शिंदे की मदद से दोनों आरोपियों सीनियर सेक्शन इंजीनियर हरेंद्र कुमार और ट्रैकमैन भरत कुमार को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को खंडवा की रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरपीएफ के निवेदन पर आगे की पूछताछ के लिए उन्हें 17 अक्तूबर तक रिमांड में दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 42 टन रेलवे का लोहा बरामद हो चुका है, जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, आरपीएफ के अनुसार अभी मामले की गहन जांच जारी है, जांच में और भी आरोपियों के नाम सामने आने की पूरी संभावना है। चोरी का लोहा खरीदने वाले स्क्रैप व्यापारी को भी इसमें आरोपी बनाया जा सकता है, लेकिन फिलहाल इसकी जांच चल रही है। आरपीएफ की बुरहानपुर टीम ने सेक्शन इंजीनियर हरेंद्र कुमार और ट्रैकमैन भरत कुमार के खिलाफ जांच के बाद रेल संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। इसके साथ ही रेलवे ने भी दोनों ही अफसर और कर्मचारी को तुरंत नौकरी से सस्पेंड कर दिया।