सरकारी अस्पतालों में आम आदमी के इलाज में बरती जाने वाली लापरवाही की बातें सामान्य सी हो गई हैं, लेकिन यही हाल अगर विधायक की बेटी के इलाज का हो तो यह चर्चा का विषय है। इस तरह का ताजा मामला श्योपुर के जिला अस्पताल में देखने को मिला।
सोमवार दोपहर दो बजे विजयपुर सीट से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी अपनी बेटी के प्रसव के लिए श्योपुर के जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के ड्यूटी स्टाफ ने बेटी की सोनोग्राफी रिपोर्ट को देखने के बाद विधायक से कर दिया कि मामला गंभीर है और ऑपरेशन करना होगा।
साथ ही ड्यूटी स्टाफ ने विधायक से कहा कि डॉक्टर अभी नहीं है, वह शिविर में गए हैं और वह देर शाम तक ही लौटेंगे। इसके बाद ही ऑपरेशन हो पाएगा। दूसरी ओर यह सुनने के बाद विधायक बेटी के साथ अस्पताल में आठ घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करते रहे।
विधायक बोले- बेटी तड़पती रही, डॉक्टर रात 10 बजे तक नहीं पहुंचे
इंतजार करने के बाद भी डॉक्टर नहीं आए तो विधायक दर्द से कराह रही अपनी बेटी को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उसका सामान्य प्रसव किया गया। विधायक सीताराम ने बताया कि वह दोपहर दो बजे अस्पताल पहुंचे थे, और उन्हें बताया गया कि डॉक्टर शिवर पर गए हैं और वापस आकर ही ऑपरेशन कर पाएंगे। जिसके बाद मैंने रात 10 बजे तक डॉक्टर का इंतजार किया, लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं आया जिसके बाद मैं निजी अस्पताल पहुंचा, जहां बेटी का सामान्य प्रसव कराया गया। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को विधानसभा में उठाएंगे।
सिविल सर्जन बोले- बिना बताए चले गए विधायक
वहीं, इस लापरवाही पर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरबी गोयल का कहना है कि रात करीब 10:30 बजे विधायक सीताराम आदिवासी अपनी बेटी को बिना कुछ बताए ही अस्पताल से ले गए, जबकि उन्हें दिन में ही कहा गया था कि वे बेटी को रैफर कराकर ले जा सकते थे।