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Bhopal News: आधी रात धधकी लकड़ी फैक्टरी, 100 टैंकर पानी और 9 घंटे की जंग के बाद काबू में आई आग

Sat, 30 May 2026 09:26 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और फायर विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। हादसे में फैक्टरी का कच्चा और तैयार माल पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
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आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शुभम एंटरप्राइजेस नामक लकड़ी और प्लाईवुड फैक्टरी में भीषण आग लग गई। फैक्ट्री में भारी मात्रा में प्लाईवुड, लकड़ी, तैयार दरवाजे, ब्लैकबोर्ड, थिनर और अन्य ज्वलनशील केमिकल रखे होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा।

सूचना मिलते ही नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। गांधीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशनों से दमकल वाहन और पानी के टैंकर बुलाए गए। आग बुझाने के लिए करीब 9 घंटे तक लगातार रेस्क्यू और राहत अभियान चलाना पड़ा। शनिवार सुबह आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि अंदर रखी लकड़ी और केमिकल के कारण दोपहर तक धधकन बनी रही।

फायर फाइटर पंकज यादव ने बताया कि फैक्टरी के भीतर ज्वलनशील सामग्री इतनी अधिक थी कि सामान्य तरीके से आग बुझाना मुश्किल हो गया था। दो जेसीबी मशीनों की मदद से फैक्ट्री के कुछ हिस्सों को तोड़कर अंदर तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद लकड़ी और अन्य सामग्री को अलग-अलग कर आग बुझाई गई। थिनर और केमिकल के कारण पानी डालने के बावजूद आग बार-बार भड़क रही थी।

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आधा सैकड़ा कर्मचारी पूरी रात जुटे रहे

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फायर विभाग के अनुसार आग बुझाने में करीब 100 टैंकर पानी खर्च हुआ। फायर प्रभारी सौरभ पटेल और सहायक प्रभारी विजय त्रिपाठी सहित 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात मौके पर डटे रहे। सबसे बड़ी चुनौती आग को आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोकना थी। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को सीमित रखा और एक बड़े औद्योगिक हादसे को टाल दिया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और फायर विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। हादसे में फैक्टरी का कच्चा और तैयार माल पूरी तरह जलकर खाक हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, इसलिए जनहानि नहीं हुई।

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