मध्यप्रदेश का इंदौर शहर स्वच्छता के मामले में पूरे देश में चर्चित है। यहां के नाले कभी गंदे पानी और बदबू से बजबजाते थे, लेकिन अब शहरी निकाय के सफाई अभियान से इनकी सूरत बदल गई है। इन नालों में अब शादी की सालगिरह से लेकर क्रिकेट मैचों तथा स्वास्थ्य शिविरों तक का आयोजन हो रहा है। इन अनूठे आयोजनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
जिस जगह होते थे बीमार, वहीं हो रहा उपचार
इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि "स्वच्छ नाला अभियान" के तहत हो रहे इन आयोजनों की कड़ी में चंदन नगर के सूखे नाले में बृहस्पतिवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें क्षेत्रीय नागरिकों की सेहत जांची गई। इस शिविर के बैनर पर नारा लिखा था- "जिस जगह होते थे बीमार, उसी जगह हो रहा उपचार।"
अधिकारी ने बताया कि शहर के अलग-अलग स्वच्छ व सूखे नालों में हाल के दिनों में शादी की सालगिरह और क्रिकेट मैचों के आयोजन भी हो चुके हैं। आईएमसी के अतिरिक्त आयुक्त संदीप सोनी ने बताया, "ऐसे आयोजनों के पीछे हमारा मकसद यह दिखाना है कि नालों की सफाई के अभियान में स्थानीय नागरिक न केवल सीधे तौर पर सहभागी हैं, बल्कि वे इस मुहिम पर गर्व भी महसूस करते हैं।"
तीन साल में साफ किए 25 छोटे-बड़े नाले
इंदौर नगर निगम ने शहर की सरस्वती और कान्ह नदियों के मार्ग में पड़ने वाले करीब 25 छोटे-बड़े नालों को पिछले तीन साल के दौरान साफ किया है। इसके लिए नालों में घरों तथा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे पानी की आवक रोकी गई है और इनके किनारे बसे क्षेत्रों में ‘सीवरेज लाइन’ को दुरुस्त किया गया है।
सोनी ने कहा कि लोग आमतौर पर सोचते हैं कि नाला तो गंदा ही होता है और ऐसे में इसे साफ रखने की भला क्या जरूरत है? हम स्थानीय स्तर पर इस धारणा को बदलने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं। उन्होंने बताया कि आईएमसी का लक्ष्य है कि शहर के सभी नाले घरों तथा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले गंदे जल से होने वाले प्रदूषण से पूरे साल मुक्त रहें और इनमें केवल बरसाती पानी बहे।
चौका लगा चुका, स्वच्छता के पंच की तैयारी
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के वर्ष 2017, 2018, 2019 और 2020 के स्वच्छता सर्वेक्षणों में इंदौर देश भर में अव्वल रहा है। वर्ष 2021 के सर्वेक्षण में जीत के इस सिलसिले को कायम रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे आईएमसी ने "इंदौर लगाएगा स्वच्छता का पंच" का नारा दिया है।