कोरोना काल में देशभर से आए दिन दिल झकझोर देने वाली खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भी मन को बेचैन कर देने वाली खबर के बारे में पता चला है। दरअसल, यहां बृहस्पतिवार को एक बुजुर्ग के दम तोड़ने के बाद अंतिम संस्कार में मदद के लिए पत्नी ने पड़ोसियों से लाख गुहार लगाई, लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। ऐसे में वृद्ध महिला ने अकेले ही पति का दाह संस्कार किया।
मदद के लिए कोई नहीं आया
मामला भोपाल के जगन्नाथ कॉलोनी का है। यहां रेलवे के रिटायर्ड रिजर्वेशन सुप्रींटेंडेंट की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। उनके दोनों बेटे राज्य से बाहर रहते हैं और लॉकडाउन के चलते घर नहीं लौट सके। बुजुर्ग पत्नी घर पर अकेली थीं। वे पति के अंतिम संस्कार के लिए कभी नगर निगम को कॉल कर रही थीं तो कभी पड़ोसियों से मदद की गुहार लगा रही थीं, लेकिन कोविड के डर के कारण किसी ने सहायता नहीं की। नगर निगम वालों ने भी फोन नहीं उठाया।
पुलिस ने की मदद
ऐसे में थक-हार के महिला ने आखिर में डायल 100 पर कॉल किया। स्टाफ ने उन्हें ऐशबाग थाने के सब इंस्पेक्टर (एसआई) नीलेश अवस्थी का नंबर दिया। महिला ने मदद मांगी तो एसआई अवस्थी ने कहा कि माता जी हम इसके लिए अधिकृत तो नहीं हैं फिर भी आपकी मदद करेंगे। एसआई अपने साथ हवलदार उपेंद्र, त्रिभुवन मिश्रा और सिपाही गजराज को लेकर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने एक पीपीई सूट बुजुर्ग महिला को पहनने के लिए दी और फिर चारों पुलिसकर्मियों ने भी पीपीई सूट पहना।
नगर निगम वाले नहीं उठा रहे फोन
उन्होंने शव को भी प्रोटोकॉल के तहत पीपीई सूट पहनाकर पैक कर दिया। इस बीच एक सिपाही को सुभाष नगर विश्राम घाट भेजा और शव वाहन बुलवा लिया। रेलवे अफसर की पत्नी भी पुलिस के साथ विश्राम घाट पहुंचीं। यहां उन्होंने कोविड प्रोटोकॉल के तहत अपने पति का अंतिम संस्कार किया। घटना की जानकारी के बाद डीआईजी इरशाद वली ने चारों पुलिसकर्मियों को एक-एक हजार का इनाम देने की घोषणा की। हालांकि, जब एसआई ने भी नगर निगम के नंबर पर कॉल किया तब भी किसी ने फोन नहीं उठाया।