मध्यप्रदेश में लंबे समय से पदस्थापना का इंतजार कर रहे करीब 7 हजार वर्ग-3 में चयनित शिक्षकों के लिए प्रक्रिया अब आगे बढ़ने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग सोमवार से शाला आवंटन शुरू करेगा। खास बात यह है कि इनमें से करीब 400 शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी गई है। शाला मिलने के बाद सभी चयनित शिक्षकों को अधिकतम एक सप्ताह के भीतर संबंधित स्कूल में कार्यभार संभालना होगा।
म्यूचुअल ट्रांसफर से सुलझा पदस्थापना का पेंच
वर्ग-3 के शिक्षकों की पदस्थापना पहले 15 अगस्त तक पूरी करने की तैयारी थी, लेकिन पदस्थापना स्थल को लेकर कई अभ्यर्थियों की आपत्तियों के चलते प्रक्रिया आगे खिसक गई। इसके बाद विभाग ने चयनित शिक्षकों को आपसी सहमति से स्थान बदलने का अवसर दिया।करीब 400 शिक्षकों ने इस सुविधा का इस्तेमाल किया। अब यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग शाला आवंटन की ओर बढ़ रहा है।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी होगी दूर
लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के अनुसार करीब 7 हजार शिक्षकों को स्कूल मिलने के बाद सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी कम होगी। आवंटित स्कूल में पहुंचकर चयनित शिक्षक को एक सप्ताह के भीतर जॉइनिंग करनी होगी।
वर्ग-2 की प्रतीक्षा सूची वालों को भी मौका
सोमवार से वर्ग-2 के चयनित शिक्षकों के लिए वेटिंग काउंसलिंग का दूसरा चरण भी शुरू होगा। प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि वर्ग-3 की जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस वर्ग में भी प्रतीक्षा सूची वाले अभ्यर्थियों की काउंसलिंग शुरू की जाएगी।
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वर्ग-1 की पदस्थापना पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
वर्ग-1 के चयनित शिक्षकों की पदस्थापना फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के कारण अटकी हुई है। विभाग के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में इस मामले में फैसला आने की संभावना है। निर्णय के बाद वर्ग-1 की पदस्थापना प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।