जाड़े की गुलाबी दस्तक के साथ राजधानी भोपाल एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय रंगों से सराबोर होने जा रही है। टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव विश्व रंग अपने सातवें संस्करण के साथ 27 से 30 नवंबर तक रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित होगा। यह एशिया का सबसे बड़ा अशासकीय सांस्कृतिक महोत्सव है, जिसमें चार दिनों में 90 से अधिक सत्र, 35 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और 1000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। यह जानकारी आयोजन के महानिदेशक और रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे ने प्रेस वार्ता में दी।
27 नवंबर को शुभारंभ, राज्यपाल और मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति होंगे उपस्थित
विश्व रंग का शुभारंभ 27 नवंबर को रंगारंग शोभायात्रा के साथ होगा। शाम 6 बजे आयोजित उद्घाटन समारोह में म.प्र. के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन, प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी और संतोष चौबे मुख्य अतिथि होंगे।संतोष चौबे ने बताया कि 2019 में शुरू हुई यह यात्रा मॉरिशस, श्रीलंका, दिल्ली और मुंबई तक पहुँचने के बाद इस बार और व्यापक रूप में भोपाल लौटी है। महोत्सव में साहित्य, कला, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक, मीडिया और पर्यावरण तक फैली गतिविधियाँ शामिल रहेंगी।
35 देशों से 60 प्रतिनिधि, हिंदी नाटक से लेकर सांस्कृतिक प्रदर्शनी तक
प्रवासी साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट ने बताया कि कनाडा, अमेरिका, जापान, रूस, इटली, यूके, आर्मेनिया, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका, त्रिनिदाद, साउथ अफ्रीका समेत 35 देशों के 60 प्रतिनिधि भोपाल आएंगे। यूक्रेन के आठ विद्यार्थियों का दल हिंदी नाटक प्रस्तुत करेगा, जबकि गिरमिटिया इतिहास पर आधारित दुर्लभ प्रदर्शनी ‘कुली से कुलीन तक’ विशेष आकर्षण होगी।
सातवें विश्व रंग में नया क्या होगा?
सहनिदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी के अनुसार इस बार महोत्सव में युवाओं, शोधार्थियों और नई पीढ़ी के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं।फैजल मलिक, दिव्या दत्ता, स्वानंद किरकिरे, देवदत्त पटनायक, सौरभ द्विवेदी, राधाकृष्ण पिल्लै जैसी चर्चित हस्तियां संवाद और प्रेरक सत्रों का हिस्सा होंगी।
श्रीकृष्ण लीला से अहिल्याबाई के महानाट्य तक
डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने बताया कि 27 नवंबर को श्रीराम कला केन्द्र की टीम ‘श्रीकृष्ण लीला’ का म्यूज़िकल शो पेश करेगी। 30 नवंबर को समापन अवसर पर प्रियंका शक्ति ठाकुर निर्देशित, नागपुर के 50 कलाकारों वाला महानाट्य हिल्या रूपेण संस्थिता’ मंचित होगा। आदिरंग’ प्रकोष्ठ में पारंपरिक शिल्प, जनजातीय नृत्य-संगीत और हेरिटेज फ़िल्मों का प्रदर्शन होगा।
कला, संवाद, संगोष्ठियां और प्रदर्शनियां
महोत्सव में हंसध्वनि, अंजनी, गौरांजनी सहित नए निर्मित टैगोर, वनमाली, अभिमन्यु अनत, शांति निकेतन, शारदा तथा चित्र-वीथि सभागारों में समानांतर सत्र होंगे।चित्रकला संवाद, कला प्रदर्शनी और विकसित भारत में साहित्य तथा कलाओं की भूमिका पर महत्वपूर्ण परिसंवाद आयोजित होंगे।
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सितारों से जगमगाता विश्व रंग
महोत्सव में पद्मश्री, साहित्य अकादेमी और अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त दर्जनों हस्तियाँ उपस्थित रहेंगी-ममता कालिया, शिवमूर्ति, नीलोत्पल मृणाल, स्वानंद किरकिरे, पुष्पेष पंत, दिव्या दत्ता, प्रिया मलिक, राधाकृष्ण पिल्लै, अष्टभुजा शुक्ल, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, ओम थानवी, लीलाधर मंडलोई, विनोद तिवारी सहित कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।गुजराती, पंजाबी, मराठी और निमाड़ी व्यंजनों के विशेष स्टॉल महोत्सव आने वालों को स्वाद की नई दुनिया से परिचित कराएंगे।
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29 नवंबर को समापन, वर्ल्ड हिंदी ओलंपियाड के विजेताओं को मिलेगा सम्मान
समापन समारोह 29 नवंबर शाम 6 बजे होगा, जिसमें मॉरिशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, म.प्र. के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और संतोष चौबे उपस्थित रहेंगे।इसी दौरान विश्व हिंदी ओलंपियाड के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।