राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) की परीक्षा शाखा से नौ विषयों के प्रश्नपत्र चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में एफआईआर दर्ज कराई।
परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को मिली चोरी की जानकारी
जानकारी के अनुसार स्कूल ऑफ बायोमॉलिक्यूलर टेक्नोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा शाखा से नौ विषयों के प्रश्नपत्रों के बंडल गायब मिले। इनमें आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी शामिल थे। शुक्रवार सुबह 11 बजे होने वाली स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के चौथे सेमेस्टर (एआईएमएल) की परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को बताया गया कि प्रश्नपत्र चोरी हो गए हैं, इसलिए परीक्षा आयोजित नहीं हो सकेगी।
ताला नहीं टूटा, फिर कैसे गायब हुए प्रश्नपत्र?
प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। परीक्षा शाखा में एक दर्जन से अधिक अलमारियां मौजूद थीं, लेकिन केवल एक अलमारी खुली मिली और उसी से प्रश्नपत्र गायब थे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उस अलमारी का ताला टूटा हुआ नहीं था। वहीं कार्यालय में सिर्फ एक खिड़की टूटी मिली, जबकि अन्य दरवाजों और तालों से छेड़छाड़ के कोई निशान नहीं मिले। इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया है।
गोपनीय परीक्षा शाखा में नहीं थे सीसीटीवी
जहां विश्वविद्यालय के गोपनीय प्रश्नपत्र रखे जाते हैं, वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का मामला भी सामने आया है। परीक्षा शाखा में सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। परिषद का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्रशासन शुरू में गंभीर नहीं था। आंदोलन के दबाव के बाद विश्वविद्यालय ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई।
परीक्षा नियंत्रक सहित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
एबीवीपी ने मांग की है कि प्रश्नपत्र चोरी के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही परीक्षा नियंत्रक और इस पूरी लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। संगठन ने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट
प्रश्नपत्र चोरी की इस घटना से छात्रों के सामने परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अब विश्वविद्यालय को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ेगी, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक कैलेंडर भी प्रभावित होने की आशंका है।