पुराने भोपाल के घोड़ा नक्कास स्थित कमाली मंदिर गुरुवार को विवादों में आ गया। मंदिर से प्राचीन मूर्तियां हटाए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी के तहत प्रतिमाओं को हटाया गया है।
ऐतिहासिक मंदिर की जमीन पर हो रहा व्यावसायिक निर्माण
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने दावा किया कि कमाली मंदिर का ऐतिहासिक महत्व है। उनके अनुसार नवाब काल में कमाली बाबा को शंख की ध्वनि जितनी दूर तक पहुंची थी, उतनी भूमि दान में दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की इसी भूमि पर पहले से एक व्यावसायिक मार्केट संचालित है और अब एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है।
भव्य मंदिर का वादा अधूरा, छह साल से नहीं हुआ निर्माण
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंदिर प्रबंधन ने वर्षों पहले लाल पत्थरों से भव्य मंदिर निर्माण का दावा किया था, लेकिन छह साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके बजाय मंदिर परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं।
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रातोंरात हटाई गईं प्राचीन प्रतिमाएं
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि वर्षों पुरानी आस्था का केंद्र रही प्रतिमाओं को रातोंरात उनके मूल स्थान से हटाकर दूसरी जगह स्थापित कर दिया गया। इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। विवाद बढ़ने के बाद सैकड़ों लोग मंदिर परिसर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर तिवारी और अन्य समाजजनों की मौजूदगी में प्रतिमाओं को दोबारा उनके मूल स्थान पर स्थापित कराया गया। लोगों ने मंदिर के जीर्णोद्धार और धार्मिक स्थल की मूल स्थिति बहाल करने की मांग की।