मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला दिवस के मौके पर कहा कि प्रदेश में बच्चियों, बालिकाओं और बेटियों के साथ दुराचार करने वालों के विरुद्ध सरकार कठोरतम कदम उठाएगी। दोषियों को फांसी की सजा भी दिलवाएंगे। इसके साथ ही जोर-जबरदस्ती से या बहला फुसलाकर विवाह और धर्म परिवर्तन करवाने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ प्रदेश में लागू धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
सीएम डॉ. यादव ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण को चलने नहीं दिया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के माध्यम से हम प्रावधान कर रहे हैं कि जो धर्मांतरण लोगों को बरगला कर धर्म परिवर्तन करवाएंगे, उन्हें हमारी सरकार कठोर सजा दिलाएगी।
राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव भी सुनाए। इस मौके पर मोहन यादव ने कहा कि मासूम बच्चियों से दुराचार के मामलों में सरकार अत्यंत कठोर है। उन्होंने बताया कि इसके दोषियों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है, ताकि जो लोग मासूमों से जोर-जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर दुराचार करेंगे, उन्हें जीवन जीने का अधिकार न मिले।
धर्मांतरण की घटनाओं पर कड़ी नजर
सीएम ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्रदेश में धर्मांतरण की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। किसी भी हालत में न तो धर्मांतरण और न ही दुराचार को समाज में स्थान मिलेगा। इन घृणित कृत्यों को बढ़ावा देने वालों के साथ सरकार कठोरता से निपटेगी।
'दुराचार मामलों में सरकार अत्यंत कठोर'
राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कंवेंशन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव भी सुनाए। इस मौके पर मोहन यादव ने कहा कि मासूम बच्चियों से दुराचार के मामलों में सरकार अत्यंत कठोर है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। ताकि जो लोग मासूमों के साथ जोर-जबरदस्ती या बहला-फुसलाकर दुराचार करेंगे, उन्हें जीवन जीने का अधिकार न मिले।
बता दें कि सीएम मोहन यादव ने भोपाल में एक कार्यक्रम में धर्मांतरण करने वालों पर हमारी सरकारी फांसी का प्रावधान करेगी। हालांकि, बाद में उनके एक्स सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट शेयर हुआ, जिसके वीडियो में धर्मांतरण के मामले में फांसी की बात हटा दी गई। वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी सीएम के धर्मांतरण के मामले में फांसी को लेकर अपनी प्रतक्रिया दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि 'फांसी होनी चाहिए' ; ना कि होगी या करेंगे। मोहन यादव इतने तो ज्ञानी हैं। गलत तरीकों से धर्मांतरण कानून में दंडनीय है, लेकिन फांसी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और संवैधानिक दृष्टिकोण से संभव नहीं है। सीएम अपनी कट्टरपंथी समर्थक समूह को खुश कर रहे हैं।