भोपाल के मैनिट और लघु उद्योग भारती, मध्यप्रदेश के बीच अकादमिक संस्थान और उद्योग जगत के बीच दूरी कम करने के लिए समझौता हुआ है। इसके तहत मैनिट की प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक को उद्योगों तक पहुंचाने,औद्योगिक समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त शोध करने और छात्रों को सीधे उद्योगों से जोड़ने पर काम किया जाएगा।समझौते के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की जरूरतों के आधार पर संयुक्त शोध एवं विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। मैनिट में तैयार तकनीक और नमूना उत्पादों को वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों में परखा जाएगा। सफल तकनीकों को व्यावसायिक रूप देने की दिशा में भी दोनों संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
छात्रों को इंटर्नशिप और उद्योग आधारित प्रोजेक्ट
इस साझेदारी का सीधा फायदा मैनिट के छात्रों को मिलेगा। छात्रों के लिए व्यवस्थित इंटर्नशिप, उद्योगों से जुड़े प्रोजेक्ट और वास्तविक औद्योगिक अनुभव के अवसर बढ़ेंगे। इससे पढ़ाई के साथ उन्हें उद्योगों की जरूरत, उत्पादन प्रक्रिया और तकनीकी चुनौतियों को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
स्टार्टअप को मिलेगा उद्योग और निवेशकों का साथ
मैनिट में तैयार होने वाले तकनीक आधारित स्टार्टअप को लघु उद्योग भारती के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र, मार्गदर्शकों और निवेशकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे छात्रों के नए तकनीकी विचारों को प्रयोगशाला से बाहर निकालकर बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। दोनों संस्थाएं सरकारी योजनाओं के तहत संयुक्त प्रस्ताव भी तैयार करेंगी।
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औद्योगिक समूहों में नई तकनीक को बड़े स्तर पर लागू करने पर भी जोर
इनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद, स्टार्टअप इंडिया और अटल नवाचार मिशन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। औद्योगिक समूहों में नई तकनीक को बड़े स्तर पर लागू करने पर भी जोर रहेगा।समझौता समारोह में मैनिट की ओर से डॉ. अनुपमा शर्मा, डॉ. अमित भगत और डॉ. मनीष विश्वकर्मा मौजूद रहे। वहीं लघु उद्योग भारती की ओर से जितेंद्र गुप्ता, अरविंद काले, विनोद नायर और नितिन कामऋषि शामिल हुए।