मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच बहुप्रतीक्षित ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इस परियोजना के तहत 273 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा, जिससे 11.76 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी का रिचार्ज भूमिगत जल में किया जाएगा। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री भोपाल आकर इस परियोजना पर जल्द हस्ताक्षर करेंगे। ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना महाराष्ट्र के उत्तरी और मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, जिससे नागपुर में पेयजल संकट और छिंदवाड़ा में सिंचाई की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज और कान्हा उप-बेसिन परियोजनाओं की कार्यप्रणाली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना मध्य प्रदेश के लंबे समय से चल रहे अंतरराज्यीय जल-बंटवारे विवादों को हल करने का प्रयास है।
प्रदेश के छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खंडवा को मिलेगा फायदा
इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ प्रदेश के छिंदवाड़ा, बुरहानपुर और खंडवा जिलों को होगा। यह प्रदेश के 1,23,000 हेक्टेयर क्षेत्र में जल आपूर्ति करेगी। इस परियोजना से राज्य के जलस्रोतों, कृषि और भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर खंडवा जिले के किसानों को इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी, जो जल संकट का सामना करते आ रहे हैं। नहर के निर्माण से न केवल क्षेत्रीय जलापूर्ति में वृद्धि होगी, बल्कि यह पर्यावरणीय सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।