Bhopal: भोपाल में स्वर उत्सव कार्यक्रम आयोजित था। ये आयोजन आकाशवाणी भोपाल ने संस्कृति विभाग के सहयोग से किया था। इस कार्यक्रम के शुभा मुद्गल, हुसैन बंधु और कई नवोदित कलाकार आकर्षण थे। गीत, गजल के साथ उभरे स्वरों ने उत्सव को सार्थकता दे डाली। लंबे समय तक याद रखा जाने वाला यह आयोजन शहर के मध्य स्थित रविंद्र भवन में आयोजित किया गया था।
'स्वर उत्सव' का आगाज भोपाल के युवा संगीतकार उमेश तरकसवार के संगीत निर्देशन में भोपाल के ही युवा गायक गायिकाओं की प्रस्तुति से हुआ। जिन्होंने एक के बाद एक मधुर देश भक्ति गीतों से वातावरण में जोश से भर दिया। देशभक्ति गीतों की शुरुआत फारसी में लिखे गए तराने "सलाम माँ तुझे सलाम" से हुई।
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तत्पश्चात तराना-ए -कफस से ली गई रचना "हे वतन के वास्ते अक्सर वंदे मातरम" भी सुनाई। इसके बाद बारी आई देश की सुविख्यात गायिका शुभा मुदगल की, जिन्होंने अपनी प्रस्तुति का आरंभ राग गौड़ मल्हार से किया। शुभा ने दो रचनायें प्रस्तुत की। कार्यक्रम की अगली कड़ी में गज़लों की दुनिया के सशक्त हस्ताक्षर, लब्ध प्रतिष्ठित उस्ताद अहमद हुसैन और उस्ताद मोहम्मद हुसैन ने अपनी मखमली आवाज और गजलगोई के अंदाज़ से श्रोताओं को दाद देने और झूमने को मजबूर कर दिया।
उन्होंने सबसे पहले सुप्रसिद्ध भजन 'गाईये गणपति जग वंदन' प्रस्तुत किया। उसके बाद वतनपरस्ती से लबरेज एक गीत 'यें हिन्द यें मेरा वतन' से श्रोताओं के मन में देशप्रेम की भावना जगा दी। आकाशवाणी भोपाल के कार्यक्रम प्रमुख राजेश भट ने बताया कि आकाशवाणी द्वारा देशभर के अनेक शहरों में आज़ादी के पर्व को उत्साह पूर्वक मनाने के लिए इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं। उप महानिदेशक यशवंत चिवंडे ने कहा कि आकाशवाणी आज भी स्वस्थ मनोरंजन और सही सूचना श्रोताओं तक पहुंचाने में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक पुरुषोत्तम श्रीवास और अमिता त्रिवेदी ने किया।