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अमृत 2.0 में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: आयुक्त बोले-15 दिन में सुधार नहीं तो कॉन्ट्रेक्टर होंगे ब्लैकलिस्ट

Sat, 13 Jun 2026 10:01 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

अमृत 2.0 जलप्रदाय परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने धीमी प्रगति वाले संविदाकारों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 15 दिनों में सुधार नहीं होने पर ब्लैकलिस्टिंग और परफॉर्मेंस गारंटी कटौती की कार्रवाई की जाएगी।
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नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अमृत 2.0 के तहत संचालित जलप्रदाय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि रेड लिस्ट में शामिल संविदाकार (कॉन्ट्रेक्टर) यदि आगामी 15 दिनों में कार्यों की प्रगति में सुधार नहीं लाते हैं, तो उनकी परफॉर्मेंस गारंटी काटी जाएगी और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रेड लिस्ट की सभी परियोजनाओं पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार लेवीड डैमेज (L.D.) भी अधिरोपित किया जाएगा। अमृत 2.0 योजना की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में आयुक्त श्री भोंडवे ने अधिकारियों और संविदाकारों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित कर लिया गया है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध भुगतान व्यवस्था के कारण मध्यप्रदेश ने अमृत योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और वर्तमान में देशभर में सातवां स्थान हासिल किया है। समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाली 122 परियोजनाओं की कार्य गुणवत्ता, प्रगति, बाधाओं और लंबित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हो सकें। बैठक में संभागीय संयुक्त संचालक, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, टीएल, पीडीएमसी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी और संविदाकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। 
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