भोपाल रेलवे स्टेशन पर जब्त 705 किलो पनीर के सभी पांच नमूने जांच में अवमानक मिले हैं। खेप मुरैना से आई थी, जिसके बाद वहां निर्माण इकाई और डेयरियों पर भी कार्रवाई की गई।
भोपाल में त्योहार के दौरान लोगों की थाली तक पहुंचने से पहले ही 7 क्विंटल से ज्यादा पनीर की खेप पकड़ ली गई। भोपाल रेलवे स्टेशन पर जब्त किए गए 705 किलो पनीर के सभी पांच नमूने जांच में फेल हो गए हैं। खाद्य विभाग की प्रयोगशाला ने पांचों नमूनों को अवमानक घोषित किया है। पनीर की यह खेप मुरैना से रेल मार्ग के जरिए भोपाल लाई गई थी। रिपोर्ट आने के बाद अब मुरैना में पनीर बनाने वाली इकाई और उससे जुड़ी डेयरियों पर भी छापेमारी की गई है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मुरैना से बड़ी मात्रा में पनीर भोपाल भेजा जा रहा है। सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई कर करीब 705 किलोग्राम पनीर जब्त किया था। पनीर के एनालॉग होने की आशंका के चलते इसके पांच अलग-अलग नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए थे।
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पांचों नमूनों में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी
प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में पनीर के सभी पांच नमूने अवमानक पाए गए। यानी जब्त की गई पूरी खेप गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी। हालांकि, जांच रिपोर्ट में इसे अवमानक बताया गया है, इसे सीधे तौर पर मिलावटी या नकली घोषित नहीं किया गया है।
मुरैना तक पहुंची कार्रवाई, डेयरियों में भी जांच
जांच में पनीर की खेप का कनेक्शन मुरैना की निर्माण इकाई से सामने आया। इसके बाद भोपाल खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मुरैना कलेक्टर को जानकारी दी। कलेक्टर के निर्देश पर वहां खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित पनीर निर्माण इकाई और विभिन्न डेयरियों पर छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के जरिए पनीर के निर्माण से लेकर उसकी सप्लाई तक की कड़ी खंगाली गई।
दीपावली से पहले मिलावटखोरों पर निगरानी
दीपावली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और घटिया खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी खाद्य पदार्थों की जांच, नमूने लेने और संदिग्ध प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की कार्रवाई जारी है। यह पूरी कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक मनोज पुष्प के मार्गदर्शन में की गई। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।