सतपुड़ा भवन के क्षतिग्रस्त हिस्से का दौरा करते समिति सदस्य।
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मध्य प्रदेश के भोपाल में सतपुड़ा भवन में 12 जून को लगी आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उच्च स्तरीय जांच समिति ने बुधवार को प्रभावित मंजिलों का तीसरी बार दौरा किया। 14 सैम्पल जुटाए गए हैं, जिन्हें सागर स्थित राज्य स्तरीय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को भेजा गया है। ज्यादातर नुकसान भवन के पश्चिमी विंग में हुआ है। अब सरकार पूर्वी विंग के दफ्तरों को खोले जाने पर विचार कर रही है। समिति ने भी राज्य सरकार को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।
सतपुड़ा भवन में 12 जून को तीसरी मंजिल पर आग लगी, जो देखते ही देखते छठवी मंजिल तक पहुंच गई थी। करीब दस घंटे बाद मंगलवार को आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान आदिम जाति कल्याण विभाग के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के दफ्तरों में रखी हजारों फाइलें नष्ट हुई हैं। फाइलें कितनी हैं, इसे लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं। कोई 12 हजार, तो कोई 16 हजार और कोई 20 हजार से अधिक फाइलें नष्ट होने की बात कह रहा है।
दो दिन में सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच समिति ने बुधवार को पश्चिम विंग की तीसरी से छठी मंजिल का तीसरी बार दौरा किया। 14 सैम्पल फोरेंसिक जांच के लिए एकत्र किए। उन्हें सागर की राज्य स्तरीय फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी को जांच के लिए भेजे गए। जांच के बाद एकत्रित सैम्पल्स को सीलबंद कर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। जांच समिति ने मंगलवार को सात कर्मचारी-अधिकारियों के बयान दर्ज किए थे। पीडब्ल्यूडी के ईएंडएम विंग के वरिष्ठ इंजीनियर और फायर सेफ्टी इंस्पेक्टर सहित अन्य लगभग 20 कर्मचारी-अधिकारियों के बयान बुधवार को दर्ज किए गए। जांच समिति ने सतपुडा भवन का स्ट्रक्चरल स्ट्रेंक्थ असेसमेंट करने और सतपुडा भवन के आग से अप्रभावित पूर्वी विंग के कार्यालयों को शुरू करने के संबंध में राज्य शासन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। जांच समिति अपनी रिपोर्ट दो दिन में राज्य शासन को सौंपेगी।