राजस्व महा-अभियान 3.0 की शुरुआत 15 नवंबर से होगी, जो 15 दिसंबर तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य विभिन्न लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करना है। अभियान के तहत भूमि से जुड़े दस्तावेजों में त्रुटियों का सुधार, सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण तथा राजस्व अभिलेखों का सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
राजस्व महा-अभियान में नामांतरण, बंटवारा, अभिलेखों की शुद्धता और सीमांकन के लंबित प्रकरणों का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। इसमें पीएम किसान योजना का सैच्युरेशन, आधार लिंकिंग, परंपरागत रास्तों का चिन्हांकन और स्वामित्व योजना के तहत भू-अभिलेखों का अद्यतन शामिल है।
अभियान में प्रगति पर रखी जाएगी नजर
अभियान की नियमित प्रगति की समीक्षा के लिए संभागायुक्तों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो संभागीय जिलों का भ्रमण कर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल के अनुसार, सभी जिला कलेक्टर्स को अभियान के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, और जिलेवार प्रगति की जानकारी के लिए डैशबोर्ड भी बनाया गया है।