कोर्ट में पेश किए मेडिकल दस्तावेज
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12 घंटे तक लापता रहने का दावा
गिरिबाला सिंह ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में बताया है कि ट्विशा और समर्थ की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद, यानी 12 मई की रात को ट्विशा ने बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित अपने निवास की छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अर्जी के मुताबिक, शादी के बाद 9 दिसंबर से 12 मई के बीच ट्विशा पांच बार अपने मायके (नोएडा) गई थी। एक बार तो वह भोपाल से सुबह की फ्लाइट लेकर नोएडा गई और देर रात घर वापस लौटी। वह करीब 12 घंटे तक लापता रही, लेकिन पूछने पर भी उसने यह नहीं बताया कि वह कहां थी।
'दहेज के आरोप झूठे, हम देते थे खर्च के पैसे'
सास गिरिबाला सिंह ने अदालत को बताया कि दहेज मांगने या पैसे के लिए दबाव बनाने के सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा को खर्च के लिए नियमित रूप से 5 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की रकम दी जाती थी। इसके सबूत के तौर पर उन्होंने कोर्ट में ऑनलाइन बैंक ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी पेश किए हैं।
पिता को पता था कि बेटी ड्रग्स लेती है
जमानत आवेदन में यह भी लिखा गया है कि ट्विशा के हाथों में कंपन होता था। कुछ समय तक ड्रग्स न मिलने के कारण वह गंभीर चिड़चिड़ेपन और अचानक स्वभाव बदलने (विथड्रॉल सिम्पटम्स) जैसी दिक्कतों से जूझ रही थी। आवेदिका (गिरिबाला) का कहना है कि उन्होंने इस बारे में ट्विशा के पिता से भी बात की थी और उन्हें अच्छी तरह पता था कि उनकी बेटी ड्रग्स लेती है।
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