अगले एक सप्ताह के लिए प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश से राहत रहेगी, बुधवार को राजधानी भोपाल में हल्की धूप खिली रही वहीं डिंडोरी में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि झमाझम से फिलहाल राहत है। प्रदेश में अब तक सीजन की 65% यानी 24.5 इंच बारिश हो चुकी है जबलपुर संभाग में सबसे ज्यादा वर्षा हुई है। ओडिशा के पास बने चक्रवात के गुरुवार को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने के आसार हैं। हालांकि इस मौसम प्रणाली का मध्य प्रदेश में विशेष प्रभाव होने की संभावना कम दिख रही है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम वर्षा हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना
भोपाल मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। इसके गुरुवार को कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की भी संभावना है, लेकिन इसका विशेष प्रभाव पड़ने की उम्मीद कुछ कम नजर आ रही हैं। इस वजह से प्रदेश में फिलहाल ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा होने की ही संभावना है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ.दिव्या सुरेंद्र ई ने बताया कि मानसून ट्रंफ ग्वालियर होकर बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। बंगाल के इस साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम है। इस वजह से कुछ जिला में बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग का अलर्ट
बालघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, दक्षिणी बैतूल, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम पचमढ़ी, सागर, दमोह, टीकमगढ़ में बिजली के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। साथ ही सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा में मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कटनी, उमरिया बांधवगढ़, जबलपुर भेड़ाघाट, मंडला, निवाड़ी ओरछा, छतरपुर खजुराहो, विदिशा उदयगिरि, रायसेन सांची भीमबेटका, उत्तरी बैतूल, हरदा, खंडवा, अशोकनगर, दतिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी भोपाल, सीहोर, पन्ना, सतना चित्रकूट, मैहर, डिंडोरी, अनुपपुर अमरकंटक, शहडोल, भिंड, श्योपुर, बुरहानपुर, खरगोन, राजगढ़, आगर, गुना में हल्की बारिश का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में हुई वर्षा
पिछले 24 घंटों के दौरान मलाजखंड में 11.8, खंडवा छह छिंदवाड़ा में 3.3, नौगांव, धार में तीन, भोपाल में 2.4, रतलाम में दो, सागर में 1.8, खजुराहो में 1.6, इंदौर 1.3, मंडला में 0.6, नर्मदापुरम, जबलपुर में 0.5, रायसेन, गुना एवं उज्जैन में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र एवं उससे लगे उत्तरी ओडिशा पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मानसून द्रोणिका गंगानगर, पिलानी, आगरा, चुर्क, रांची, दीघा से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। हरियाणा और उसके आसपास भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। दक्षिणी गुजरात से लेकर कर्नाटक तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।