मंगलवार रात धरने पर बैठे कांग्रेसी
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अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा?
चुनाव आयोग के पास अपने प्रशासनिक और संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए इस फैसले को पलटने का अधिकार है। हमें भरोसा है कि आयोग मामले की गंभीरता को समझते हुए उचित निर्णय लेगा।
विवेक तन्खा ने क्या कहा?
हम यहां किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं आए हैं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आए हैं। यदि किसी उम्मीदवार को उन कारणों की पहले से जानकारी हो, जिनका हवाला देकर उसका नामांकन खारिज किया जा रहा है, तो उसे अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। आपने एक राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन खारिज कराकर चुनाव ही समाप्त कर दिया है। हमने कानून, फॉर्म-21 और लोक प्रहरी मामले में आए न्यायालय के फैसले सहित सभी संबंधित तथ्यों को चुनाव आयोग के समक्ष रखा है। आयोग ने हमारी बात सुनी है और कहा है कि वह इस विषय का अध्ययन करेगा तथा आज शाम या कल सुबह तक इस पर निर्णय लेगा।
पूरे मामले पर क्या बोलीं मीनाक्षी नटराजन?
चुनाव आयोग ने हमारी बात सुनी है और सिंघवी जी ने पूरे मामले को विस्तार से उनके समक्ष रखा है। हमें संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। हम अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।