फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: CPCT के खिलाफ मंत्रालय पर प्रदर्शन, नौकरी गंवाने वालों ने मुंडन कर जताया विरोध, 18 अगस्त को फिर आंदोलन

Mon, 10 Aug 2026 06:41 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

सीपीसीटी की अनिवार्यता के चलते नौकरी गंवाने वालों ने मंत्रालय के सामने प्रदर्शन कर मुंडन कराया। कर्मचारियों ने सीपीसीटी की बाध्यता खत्म करने और समान कार्य-समान वेतन की मांग उठाई। वहीं तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ 18 अगस्त को पांच मांगों को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगा।
विज्ञापन
लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता के चलते सेवा से हटाए गए कर्मचारियों और उनके परिजनों का विरोध अब तेज हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर मध्यप्रदेश लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ ने सोमवार को मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया। नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों के आश्रितों ने मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने सीपीसीटी की बाध्यता खत्म करने के साथ समान काम के लिए समान वेतन की मांग भी उठाई। प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी ने कहा कि सीपीसीटी की शर्त के कारण एक हजार से अधिक युवाओं को सेवा से बाहर होना पड़ा है। उन्होंने मांग की कि अनुकंपा नियुक्ति को सुरक्षित किया जाए और प्रभावित कर्मचारियों को दोबारा सेवा का अवसर दिया जाए।
विज्ञापन


मंत्रालय और विभागों के लिपिकों के वेतन में अंतर पर सवाल
संघ ने समान कार्य के बावजूद अलग-अलग वेतनमान दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। चतुर्वेदी के मुताबिक मंत्रालय, विधि एवं विधायी विभाग और राजभवन के कार्यालयों में काम करने वाले लिपिकों को उन्नत वेतनमान और ग्रेड पे का लाभ मिल रहा है, जबकि विभागाध्यक्ष कार्यालयों में समान काम करने वाले लिपिक इससे वंचित हैं। इसी अंतर को खत्म करने के लिए समान कार्य-समान वेतन की मांग की जा रही है।

यह भी पढ़ें-यूसीसी के खिलाफ 16 से 20 अगस्त तक चलेगा अभियान: आरिफ मसूद बोले- आज मुसलमान कल दूसरे समुदाय भी होंगे प्रभावित
विज्ञापन



मुंडन कराकर जताया विरोध
सीपीसीटी के कारण नौकरी से बाहर किए गए कर्मचारियों के आश्रितों ने प्रदर्शन के दौरान मुंडन कराया। संघ ने इसे सरकार तक अपनी नाराजगी और मांग पहुंचाने का प्रतीकात्मक तरीका बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य ही संकट में आए परिवार को रोजगार का सहारा देना है, ऐसे में सीपीसीटी जैसी अनिवार्यता के कारण नियुक्ति प्रभावित होना उनके लिए बड़ी परेशानी है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-भोपाल में सीलिंग पर सरकार की तैयारी: मास्टर प्लान जल्द, व्यापारी-रहवासी आमने-सामने, कार्रवाई की मांग तेज


18 अगस्त को प्रदेशभर में फिर प्रदर्शन
इधर, मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भी पांच प्रमुख मांगों को लेकर 18 अगस्त को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों के साथ भोपाल में मंत्रालय के सामने कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। संघ की प्रमुख मांगों में एक जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने, नए कर्मचारियों को तीन साल तक 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन देने की व्यवस्था खत्म करने, अनुकंपा नियुक्ति से सीपीसीटी की बाध्यता हटाने, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने और ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की मांग शामिल है। प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा के नेतृत्व में होने वाले आंदोलन की तैयारियों को लेकर भोपाल जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने बैठक कर रणनीति तैयार की है। संघ का कहना है कि मांगों पर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें