पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच तुर्की से आने वाले सामान का विरोध भोपाल में शुरू हो गया है। व्यापारियों ने ऐलान किया है कि वे अब तुर्की से आने वाले सेब और मार्बल का आयात नहीं करेंगे। भोपाल के फल और मार्बल व्यापारी कह रहे हैं कि जो देश दुश्मन देशों का समर्थन करते हैं, उनसे सामान नहीं खरीदा जाएगा।
भारत-पाकिस्तान विवाद के बीच मध्य प्रदेश में तुर्की आने वाले सेव फल का भोपाल में भी विरोध किया जा रहा है। भोपाल के करोद मंडी में व्यापारियों ने बताया कि जिस तरह से तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का साथ दिया। इसलिए आप तुर्की भी हमारा पाकिस्तान की तरह ही दुश्मन है और हम उसका एक भी समान नहीं खरीदेंगे। जानकारी के लिए बतादें कि भोपाल में तुर्की से काफी मात्रा में सेव पहुंचती है। थोक फल विक्रेता संघ के अध्यक्ष कमल सेजवार ने अमर उजाला से बात से बात करते हुए बताया कि इज्जत तुर्की पर भूकंप आया कोरोना की स्थिति रही उसे समय भारत ने तुर्की की मदद की अब जब पाकिस्तान से युद्ध तो उन्हों ने पाकिस्तान का साथ दिया। कभी भविष्य में अब उनका हम फल नहीं खरीदेंगे।
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एक ट्रक सेव रोज आता था भोपाल
कमल सेजवार ने बताया कि भोपाल में करीबन एक ट्रक सेव तुर्की रोज आता था। इस प्रकार अब भोपाल के व्यापारी तुर्की से आने वाले सेव को खरीदने से मना कर दिया है। दूसरे देशों से आने वाले सेव की बिक्री भोपाल में जारी रहेगी। उन्हने कहा कि हमें तुर्की की किसी प्रकार सहयाता नहीं करनी चाहिए।
तुर्की के साथ ना करें किसी प्रकार का व्यापार
तुर्की के से आने वाले मार्बल को लेकर भोपाल के मार्बल व्यापारी कजिंदर सिंह ने अमर उजाला को बताया कि यह बहुत अच्छा निर्णय है। ऐसे देश से संबंध भी खत्म कर देना चाहिए और किसी प्रकार के व्यापार नहीं करना चाहिए। उनकी किसी प्रकार की मदद भी नहीं करनी चाहिए। हमारे पास हैदराबाद और कर्नाटक का ज्यादा माल आता है। ग्रेनाइट राजस्थान से आता है। मै व्यापारियों से अपील करना चाहता हूं कि उनसे किसी प्रकार का संबंध ना रखा जाए। सभी मंचों पर उनका बहिष्कार किया जाए।
भोपाल में नहीं बिकता तुर्की का मार्बल
भोपाल के मार्बल व्यापारी ने अमर उजाला को बताया कि तुर्की का सामान यहां नहीं आता है। अगर आता भी तो कोई खरीदना नहीं। इतना कॉस्टली पड़ जाता है कि लोग खरीदी ही नहीं पाते हैं। वहां से जो मार्बल आता है वह इटालियन टाइप का होता है। यहां इटली का और चीन का आता है जो बिकता है।